बांग्लादेश में विमान दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 31

ढाका. बांग्लादेश में वायुसेना के प्रशिक्षण विमान के ढाका में एक स्कूल की इमारत से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है, जिनमें 25 बच्चे शामिल हैं. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अस्थायी सरकार के शीर्ष अधिकारियों के दुर्घटनास्थल के दौरे के दौरान हजारों छात्रों ने प्रदर्शन किया.

अधिकारियों के अनुसार, चीन में निर्मित एफ-7 बीजीआई प्रशिक्षण विमान में उड़ान भरने के कुछ ही क्षणों बाद तकनीकी खराबी आ गई और सोमवार को यह ढाका के उत्तर क्षेत्र के दियाबारी में स्थित ‘माइलस्टोन स्कूल एवं कॉलेज’ की दो मंजिला इमारत से टकरा गया. सेना की मीडिया शाखा ‘इंटर-र्सिवसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर)’ ने कहा कि दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है.

इससे पहले, मुख्य सलाहकार के विशेष सलाहकार सईदुर रहमान ने संवाददाताओं को बताया कि मृतकों में कम से कम 25 बच्चे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उनमें से कई 12 साल से कम उम्र के थे जिनकी गंभीर रूप से झुलसने के कारण मौत हो गई. अधिकारियों ने कहा कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

विवरण साझा करते हुए, आईएसपीआर ने कहा कि संयुक्त सैन्य अस्पताल में भर्ती 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी में 10, लुबाना जनरल अस्पताल में दो और ढाका मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, उत्तरा आधुनिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल और यूनाइटेड अस्पताल में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई.

आईएसपीआर ने कहा कि 165 घायलों का ढाका के 10 अस्पतालों में इलाज हो रहा है. माइलस्टोन स्कूल एवं कॉलेज के साथ-साथ आसपास के स्कूलों के छात्रों ने आज सुबह प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने मृतकों से संबंधित सही जानकारी सार्वजनिक करने, पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और बांग्लादेश वायुसेना द्वारा उपयोग किए जा रहे पुराने और असुरक्षित प्रशिक्षण विमानों को तुरंत बंद करने की मांग की.

विधि सलाहकार आसिफ नज.रुल, शिक्षा सलाहकार सीआर अबरार और मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया, जहां आंदोलनकारी छात्रों ने उनका विरोध किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए. सलाहकारों ने स्कूल के एक भवन के अंदर शरण ली, लेकिन सेना और अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा के बावजूद छात्रों ने उस इमारत की घेराबंदी कर दी जहां उन्होंने शरण ली थी. छात्रों ने आरोप लगाया कि अधिकारी मृतकों की वास्तविक संख्या को जानबूझकर छिपा रहे हैं. हालांकि, यूनुस के कार्यालय ने एक बयान जारी कर छात्रों के दावे का खंडन किया.

यूनुस के कार्यालय ने एक बयान में कहा, ”हम इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं कि विभिन्न वर्ग एक भ्रामक अभियान चला रहे हैं कि हताहतों की संख्या छिपाई जा रही है. हम सभी को दृढ़ता से सूचित करना चाहते हैं कि यह दावा सही नहीं है.” रहमान ने संवाददाताओं को बताया कि अब तक 20 लोगों के शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं.

रहमान ने राजधानी स्थित ‘नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी’ (एनआईबीपीएस) में संवाददाताओं से कहा, ”हम चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, कुछ मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है.” स्कूल अधिकारियों और अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि कई माता-पिता रात भर अपने लापता बच्चों की तलाश में बेचैन रहे.
इस बीच, बांग्लादेश ने मंगलवार को राष्ट्रीय शोक मनाया और देश भर के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्वायत्त निकायों और शैक्षणिक संस्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा. बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय और सभी निचली अदालतों ने एक मिनट का मौन रखा.

अधिकारियों ने बताया कि एफ-7 बीजीआई विमान चीन के चेंग्दू जे-7/एफ-7 विमान श्रृंखला का अंतिम और सबसे उन्नत संस्करण था. बांग्लादेश ने 2011 में ऐसे 16 विमानों के लिए समझौता किया था और इनकी आपूर्ति 2013 तक पूरी कर दी गई थी. बांग्लादेश की वायुसेना ने दुर्घटना का कारण जानने के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है. आईएसपीआर के अनुसार, पायलट ने विमान को घनी आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन उसके प्रयासों के बावजूद विमान स्कूल की दो मंजिला इमारत से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

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