लाल किला विस्फोट के बाद दिल्ली पुलिस ने सत्यापन अभियान में 175 लोगों पर मामला दर्ज किया

नयी दिल्ली. दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए विस्फोट के बाद बड़े पैमाने पर चलाए गए सत्यापन अभियान के तहत, दिल्ली पुलिस ने उत्तरी जिले में 175 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से ज्यादातर पर अनिवार्य पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं करने के आरोप में हैं. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले एक ‘सफेदपोश’ आतंकवादी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए विस्फोट में 15 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए. पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बांठिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “किरायेदारों और लॉज के सत्यापन के बाद हमने कई प्राथमिकी दर्ज की हैं. अब तक 175 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.” अधिकारी ने बताया कि अधिकतर प्राथमिकी उत्तरी दिल्ली में रहने वाले लोगों से संबंधित हैं, जिन्होंने अनिवार्य पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की थी.

उन्होंने बताया कि सत्यापन मानदंडों का पालन न करने के कारण बड़ी संख्या में लॉज और कई छोटे गेस्ट हाउस पर भी मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि यह कदम आवश्यक था, क्योंकि विस्फोट भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में हुआ था, जिसके कारण अधिकारियों को जांच कड़ी करनी पड़ी.

डीसीपी ने कहा, “विस्फोट के बाद युद्धस्तर पर कई एजेंसियों द्वारा तलाशी और सत्यापन अभियान शुरू किया गया. पुलिस टीम ने 2,000 से ज़्यादा घरों का दौरा किया, उनमें रहने वालों के पहचान पत्रों की जांच की और कई लोगों से पूछताछ की. यह प्रक्रिया जारी रहेगी.” अपराधियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 (ए) (लोक सेवक के वैध आदेश की अवज्ञा) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है. पुलिस ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत उत्तरी जिले के सभी थानों में सत्यापन शिविर लगाए गए हैं.

उन्होंने बताया कि घर-घर जाकर जांच करने के लिए विशेष इकाइयों और केंद्रीय एजेंसियों के जांचकर्ताओं को काम पर लगाया गया है.
डीसीपी ने कहा, “लाल किला परिसर और आसपास की गलियों में लगभग 50 ड्रोन काम कर रहे हैं, जो छतों, परित्यक्त संरचनाओं और उच्च घनत्व वाले बाजार के हिस्सों की वास्तविक समय की तस्वीरें ले रहे हैं. एक एकीकृत नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी कैमरों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है.” अधिकारी ने निवासियों से यह भी आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी किरायेदार और ‘पेइंग गेस्ट’ पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें.

डीसीपी ने कहा, “बिना सत्यापन के रहने वाला कोई भी व्यक्ति खतरा बन सकता है. लोगों को या तो नजदीकी पुलिस थाना जाना चाहिए या तुरंत अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने चाहिए.” अधिकारी ने बताया कि लाल किले की ओर जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है, साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कई चौकियां स्थापित की गई हैं कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजरों से बच न जाए. पुलिस ने बताया कि सत्यापन अभियान अगले कई दिनों तक जारी रहेगा और यदि उल्लंघन पाया गया, तो और अधिक प्राथमिकी दर्ज की जा सकती हैं.

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