दर्शन को जेल में सुविधा देने पर न्यायालय की टिप्पणी से डीजीपी को सावधान रहना चाहिए : परमेश्वर

बेंगलुरु. कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बृहस्पतिवार को कहा कि जेल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को कन्नड़ अभिनेता दर्शन तुगुदीप को कारागार में कथित तौर पर पांच सितारा सुविधाएं दिए जाने के संबंध में उच्चतम न्यायालय की कड़ी टिप्पणियों के मद्देनजर सावधानी बरतनी चाहिए.

रेणुकास्वामी हत्या के मामले में दर्शन एवं अन्य आरोपियों की जमानत खारिज करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बारे में परमेश्वर संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे. राज्य के गृह मंत्री ने कहा, ”डीजीपी जेल को आदेश मिल गया होगा. अदालत की कड़ी टिप्पणियों के बाद उन्हें अपना कर्तव्य सावधानी से निभाना चाहिए.” परमेश्वर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और सभी को देश के कानून का सम्मान करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ”हमें आदेश का सम्मान करना चाहिए. उनके (आरोपियों) पास अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखने का विकल्प है, जो वे कर सकते हैं.” दर्शन की जमानत याचिका पर सरकार के रुख के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा कि विधि विभाग ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है. शीर्ष अदालत ने कर्नाटक सरकार को जेल में बंद आरोपियों को विशेष सुविधा प्रदान किए जाने पर आगाह किया.

इसमें कहा गया है, ”जिस दिन हमें पता चलेगा कि आरोपियों को पांच सितारा सुविधाएं दी जा रहीं है, तो पहला कदम सभी अन्य अधिकारियों के साथ अधीक्षक को निलंबित करना होगा.” यह फैसला दर्शन और सह-आरोपियों को जमानत देने के उच्च न्यायालय के 13 दिसंबर, 2024 के आदेश के खिलाफ कर्नाटक सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुनाया गया. उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि ‘ए2’ (दर्शन) कोई सामान्य विचाराधीन कैदी नहीं है. अभिनेता को सेलिब्रिटी का दर्जा, भारी लोकप्रियता, राजनीतिक रसूख और आर्थिक ताकत हासिल है. जेल के अंदर उनका आचरण हिरासत में रहते हुए भी व्यवस्था की अवहेलना करने की उनकी क्षमता को दर्शाता है.

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