तिरुवनंतपुरम. ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ के उत्तर प्रदेश की तुलना में केरल में अधिक समय तक रहने को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस के बीच मंगलवार को आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले. माकपा की केरल इकाई ने मंगलवार को कहा कि उनके पास इस यात्रा का विरोध करने की कोई वजह नहीं है, लेकिन इसके खिलाफ किसी अनुचित आलोचना या अशोभनीय बयान पर पार्टी माकूल जवाब देगी.
माकपा के प्रदेश सचिव एम वी गोंिवदन ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी का रुख यात्रा के खिलाफ या इससे जुड़ी किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि अगर पार्टी, उसके वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) या वाम मोर्चा की अनुचित आलोचना हुई या उसके खिलाफ कोई अशोभनीय बयान दिये गये तो हम तदनुसार जवाब देंगे. यही हमारा रुख है.’’ माकपा ने कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की आलोचना करते हुए सोमवार को कहा था कि वाम शासित केरल में 18 दिन बिताना और भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में केवल दो दिन बिताना ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से लड़ने का अजीब तरीका’’ है.
माकपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक व्यंग्य-चित्र ट्वीट कर उसके साथ लिखा था, ‘‘यह भारत जोड़ो है या सीट जोड़ो.’’ इस ट्वीट में केरल और उत्तर प्रदेश के नक्शे थे और उनके क्षेत्रफल के अंतर को दर्शाया गया था. इस ट्वीट के जवाब में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, ‘‘इस बारे में ठीक से जानकारी जुटाइए कि यात्रा का यह मार्ग कैसे और क्यों चुना गया. उस पार्टी की ओर से बेकार की आलोचना की जा रही है जो ‘मुंडूमोदी’ की धरती पर भाजपा की ए टीम है.’’ ‘मुंडूमोदी’ शब्द से रमेश का निशाना केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की ओर माना जा रहा है. इसके जवाब में केरल के पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ माकपा नेता थॉमस इसाक ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस नेता ने केरल के मुख्यमंत्री का इस तरह अकारण अपमान क्यों किया.
इसाक ने ट्वीट किया, ‘‘प्रिय रमेशजी, मैं आपके जवाब से हैरान हूं. केरल के मुख्यमंत्री का अकारण अपमान क्यों? जोड़ो यात्रा की अच्छी शुरुआत नहीं है. और सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले. आप गुजरात और उत्तर प्रदेश से बचते हुए केरल में 18 दिन बिताकर किसे जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.’’