‘व्हाट्सऐप चैट’ के लीक हो जाने के बाद तृणमूल सांसदों के बीच कलह सामने आयी

कोलकाता: बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह मंगलवार को तब सामने आ गई, जब पार्टी सांसदों के बीच कथित कहासुनी का एक वीडियो और सांसदों से संबंधित पार्टी के आधिकारिक ‘व्हाट्सऐप ग्रुप’ से तीखी नोकझोंक के ‘स्क्रीनशॉट’ व्यापक रूप से प्रसारित हो गए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने दिन में स्क्रीनशॉट साझा करते हुए दावा किया कि इस संवाद में तृणमूल सांसदों कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद के बीच तीखी बहस नजर रही है।
‘पीटीआई-भाषा’ हालांकि सोशल मीडिया पर साझा किये जा रहे इन ‘स्क्रीनशॉट’ की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करती है।

मालवीय के अनुसार, व्हाट्सऐप पर नोकझोंक की शुरूआत इससे पहले निर्वाचन आयोग मुख्यालय में दो तृणमूल सांसदों के बीच हुई सार्वजनिक बहस से हुई थी। निर्वाचन आयोग मुख्यालय में बहस करने वाले तृणमूल सांसदों में एक महिला थीं।

बताया जाता है कि ये सांसद वहां पार्टी का ज्ञापन सौंपने गए थे, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण हो गई और टकराव में तब्दील हो गई, जो बाद में पार्टी के आंतरिक संवाद प्रक्रिया तक पहुंच गई। बनर्जी ने यहां पत्रकारों के साथ बातचीत में स्वीकार किया कि बहस हुई थी, लेकिन उन्होंने इसका ठीकरा महिला सांसद पर फोड़ा।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले 40 सालों से राजनीति में हूं। यह महिला सांसद निर्वाचन आयोग के बाहर सुरक्षार्किमयों से मुझे गिरफ्तार करने के लिए कह रही थीं। वे मुझे जेल भेजने वाले कौन होते हैं? उन्होंने (महिला सासंद ने) मुझे गालियां दीं। यह मैं ही हूं जो संसद में संघर्ष करता है। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो केवल एक विशिष्ट औद्योगिक घराने से ही प्रभावित हो।’

उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ इसलिए कि महिला सांसद धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलती हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी का अपमान कर सकती हैं।’’ बनर्जी लोकसभा में तृणमूल के मुख्य सचेतक भी हैं। संबंधित महिला सांसद से जब ‘पीटीआई-भाषा’ ने प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह मामला पार्टी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक पहुंचा दिया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विवाद के बाद संबंधित महिला सांसद ने व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ दिया तथा ममता बनर्जी और तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी को पत्र भेजा।

नाम न बताने की शर्त पर तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह बहस पिछले सप्ताह तब हुई जब पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपने निर्वाचन आयोग गया था। उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल प्रतिनिधिमंडल के निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचने के बाद ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने को लेकर कल्याण बनर्जी की महिला सांसद के साथ बहस हो गयी।

इसके बाद उन्होंने (महिला सांसद ने) सुरक्षार्किमयों से हस्तक्षेप करने को कहा और उनके यानी एक महिला सांसद के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की।’’ बाद में दोनों सांसदों ने कथित तौर पर इस घटना के बारे में ममता बनर्जी से मौखिक शिकायत दर्ज कराई। मामला तब और बढ़ गया जब कल्याण बनर्जी और कीर्ति आज़ाद के बीच सांसदों के व्हाट्सऐप ग्रुप में बहस हुई।

बनर्जी ने दावा किया, ‘‘दरअसल यह कीर्ति आज़ाद ही थे जिन्होंने मुझे उकसाया। वह मुझे इसपर उपदेश दे रहे थे कि मुझे क्या करना है। उन्होंने व्हाट्सऐप चैट (व्हाट्सअप संवाद) लीक किया।’’ विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने कल्याण बनर्जी पर पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

रॉय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने जो कुछ किया है, उससे पार्टी की छवि खराब हुई है। (तृणमूल को) कल्याण बनर्जी को तुरंत मुख्य सचेतक के पद से हटा देना चाहिए। वह (बनर्जी) पार्टी में सभी के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और उनका अपमान करते हैं। पार्टी को उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।’’ इससे पहले, ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए रॉय ने पूरी घटना के बारे में अनभिज्ञता जतायी थी। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा था कि जो कुछ भी हुआ उससे पार्टी की बदनामी हुई है।

दिन में मालवीय ने इस प्रकरण के बारे में ‘एक्स’ पर कई पोस्ट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘चार अप्रैल 2025 को भारत निर्वाचन आयोग के परिसर में दो तृणमूल सांसदों के बीच सार्वजनिक विवाद के तुरंत बाद, नाराज सांसद ने ‘वर्सेटाइल इंटरनेशनल लेडी (वीआईएल)’ को बदनाम करना जारी रखा… यह ऐसी चीजें हैं जिनसे ंिकवदंतियां बनती हैं।’’

मालवीय ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि तृणमूल सांसदों के बीच झगड़े वाली बातचीत का स्क्रीनशॉट और वीडियो अंदर से लीक हुए हैं… ममता बनर्जी को यह पता लगाने में मदद करें कि उन्हें (स्क्रीनशॉट एवं वीडियो) किसने लीक किया है।’’

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