कांग्रेस शासन में मप्र में सड़कों की हालत ‘ओम पुरी’ जैसी थी, अब श्रीदेवी जैसी : भाजपा विधायक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 28 Jul 2025 10:02 PM
कांग्रेस शासन में मप्र में सड़कों की हालत ‘ओम पुरी’ जैसी थी, अब श्रीदेवी जैसी : भाजपा विधायक
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भोपाल. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने सोमवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस के शासनकाल के दौरान मध्यप्रदेश में सड़कों की हालत दिवंगत अभिनेता ओम पुरी जैसी थी जबकि भाजपा के शासन में सड़कें दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी जैसी हैं.

सत्तारूढ़ दल के विधायक की इस टिप्पणी से पैदा हुए विवाद के बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से हटाने की मांग की. विधायक प्रीतम लोधी सोमवार को विधानसभा के मॉनसून सत्र में हिस्सा लेने के लिए ‘कैब’ से पहुंचे और इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यह टिप्पणी की.
उन्होंने कहा कि बारिश से सड़कों की हालत खराब हो गई है और वे ‘वाटर पार्क’ में तब्दील हो गई हैं, लिहाजा अपनी छोटी कार से उन्हें विधानसभा भवन तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है.

लोधी से जब भोपाल में हाल ही में एक सड़क के धंसने की घटना और गड्ढों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ”दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के दौरान सड़कें ओम पुरी की तरह थीं, जबकि भाजपा के शासन में वे श्रीदेवी जैसी हैं.” ओम पुरी का 2017 में 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया था और बचपन में चेचक की बीमारी के कारण उनके चेहरे पर उसके दाग हो गए थे. श्रीदेवी का 2018 में 54 साल की उम्र में निधन हो गया था.

पिछोर से विधायक की इस टिप्पणी की प्रदेश कांग्रेस की महिला इकाई की अध्यक्ष विभा पटेल ने तीखी आलोचना की. पटेल ने इसे एक मृत महिला के प्रति अशोभनीय और अपमानजनक टिप्पणी करार देते हुए कहा कि लोधी या तो माफी मांगें या उनकी पार्टी उन्हें बर्खास्त कर दे. उन्होंने कहा, ”भाजपा विधायकों को महिलाओं का अपमान करने की आदत हो गई है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी बहादुर महिलाओं का अपमान किया गया.” उनका इशारा राज्य के वरिष्ठ मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई विवादास्पद टिप्पणी की ओर था.

पटेल ने कहा कि भाजपा नेताओं को संस्कृति और शिष्टाचार का जितना प्रशिक्षण मिलता है, उसके बावजूद सत्ता के नशे में चूर नेता महिलाओं का अपमान करते रहते हैं. उन्होंने कहा, ”अगर विधायक माफी नहीं मांगते हैं और भाजपा उन्हें बर्खास्त नहीं करती है तो हम सड़कों पर उतरेंगे.” इससे इतर, उच्चतम न्यायालय ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगने पर सोमवार को मंत्री शाह को फटकार लगाते हुए कहा कि वह अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं.

शीर्ष अदालत ने 19 मई को शाह को फटकार लगाई थी और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया.
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने और ‘गटर की भाषा’ का इस्तेमाल करने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और पुलिस को उनके खिलाफ शत्रुता और घृणा को बढ़ावा देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. बाद में शाह जब चौतरफा आलोचनाओं से घिर गए तब उन्होंने खेद व्यक्त किया और कहा कि वह कर्नल कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.

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