पृथ्वी अपने अस्थायी ‘लघु चंद्रमा’ को सोमवार को कहेगा अलविदा, माना जा रहा है असली चांद का टुकड़ा

केप कैनावेरल. पृथ्वी का पिछले दो महीनों से ‘लघु चंद्रमा’ के रूप में चक्कर काट रहा एक क्षुद्रग्रह अंतत: अब दूर चला जाएगा. यह हानिरहित अंतरिक्ष चट्टान सोमवार को पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से दूर चला जाएगा. सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण यह बहुत तेजी से दूर जाएगा, लेकिन जनवरी में यह एक त्वरित यात्रा के लिए और भी करीब आ जाएगा.

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा 33-फुट (10-मीटर) क्षुद्रग्रह का निरीक्षण करने के लिए रडार एंटीना का उपयोग करेगी. इससे वैज्ञानिकों को 2024 पीटी5 नामक वस्तु के बारे में और अधिक जानकारी मिलनी चाहिए, जो संभवत? एक ऐसा पत्थर है जो किसी क्रेटर बनाने वाले क्षुद्रग्रह के प्रभाव से चंद्रमा से दूर अंतरिक्ष में उछला था. नासा के मुताबिक तकनीकी रूप से यह चंद्रमा नहीं है, लेकिन उसने जोर देकर कहा है कि यह कभी भी पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में नहीं आया और पूरी तरह से कक्षा में नहीं रहा- फिर भी यह अध्ययन के योग्य ‘एक दिलचस्प वस्तु’ है.

क्षुद्रग्रह के ‘लघु चंद्रमा व्यवहार’ की पहचान करने वाले खगोल भौतिकीविद् भाइयों मैड्रिड के कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय के राउल और कार्लोस डी ला फुएंते मार्कोस ने अब तक सैकड़ों अवलोकनों के लिए कैनरी द्वीप में दूरबीनों के साथ सहयोग किया है. वर्तमान में यह वस्तु 20 लाख मील (35 लाख किलोमीटर) से अधिक दूर है, यह बहुत छोटी और धुंधली है, जिसे शक्तिशाली दूरबीन के बिना नहीं देखा जा सकता. जनवरी में यह पृथ्वी के 11 लाख मील (18 लाख किलोमीटर) के करीब से गुजरेगी और सूर्य की परिक्रमा करते हुए सौर मंडल में आगे बढ़ने से पहले सुरक्षित दूरी बनाए रखेगी, और 2055 तक वापस नहीं आएगी. यह चंद्रमा से लगभग पांच गुना अधिक दूर है.

अगस्त में पहली बार देखा गया यह क्षुद्रग्रह सितंबर के अंत में पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में आने के बाद उसके चारों ओर घोड़े की नाल के आकार के रास्ते पर चक्कर लगाना शुरू कर दिया था. राउल डे ला फुएंते मार्कोस ने कहा कि अगले साल जब यह वापस आएगा, तो यह बहुत तेज गति से घूमेगा और सितंबर की तुलना में इसकी गति दोगुनी से भी ज्यादा होगी. नासा कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान में गोल्डस्टोन सौर प्रणाली रडार एंटीना का उपयोग करके जनवरी में एक सप्ताह से अधिक समय तक क्षुद्रग्रह पर नजर रखेगा, जो ‘डीप स्पेस नेटवर्क’ का हिस्सा है.

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