चुनावी झटकों ने कांग्रेस प्रमुख को बना दिया वैचारिक रूप से दिवालिया: नड्डा का खरगे पर पलटवार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 13 Oct 2024 09:55 PM
चुनावी झटकों ने कांग्रेस प्रमुख को बना दिया वैचारिक रूप से दिवालिया: नड्डा का खरगे पर पलटवार

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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘आतंकवादियों की पार्टी’ बताने पर पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को कहा कि कांग्रेस को निरंतर लगे चुनावी झटकों ने पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे को वैचारिक रूप से दिवालिया बना दिया है.

उन्होंने दावा किया कि विपक्षी पार्टी का ‘आतंकवादी’ वाला कटाक्ष अपने ‘विफल उत्पाद’ को बचाने की हताशा का परिणाम है. उनका इशारा राहुल गांधी की ओर था. नड्डा ने एक बयान में कहा कि भारत की सबसे पुरानी पार्टी ऐसी दयनीय स्थिति में पहुंच गयी है जिससे व्यक्ति को पीड़ा होती है.

उन्होंने कहा कि खरगे को कांग्रेस पर लोगों के घटते भरोसे और पार्टी के बार-बार चुनाव हारने के कारणों पर आत्मचिंतन करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि लोगों को पता है कि कौन सी पार्टी राष्ट्रविरोधी शक्तियों, शहरी नक्सलियों और देश को बदनाम करने की चेष्टा करने वालों का समर्थन करती है. भाजपा अध्यक्ष का यह पलटवार खरगे द्वारा इस दल को आतंकवादियों की पार्टी कहे जाने के एक दिन बाद आया है. खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हाल में कांग्रेस को ‘शहरी नक्सलियों’ द्वारा संचालित संगठन बताये जाने के जवाब में यह बयान दिया था.

नड्डा ने कहा, ”कांग्रेस मोदी की जनोन्मुखी और गरीबोन्मुखी नीतियों को जमीनी चुनौती देने में असमर्थ है क्योंकि इन नीतियों में राष्ट्र सर्वोपरि है. इसके बजाय इसका पूरा नेतृत्व भाजपा और मोदी को गाली देने और देश को बदनाम करने में लग गया है.” उन्होंने कहा कि खरगे का बयान कुंठा और वैचारिक दिवालियेपन को दर्शाता है. हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा कांग्रेस को आश्चर्यचकित करने के बाद से ही दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध छिड़ा हुआ है. भाजपा ने इस चुनाव में शानदार जीत हासिल की है.

यह अधिकांश राजनीतिक विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त की गयी संभावना और एक्जिट पोल के अनुमानों के विपरीत है. नड्डा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व इस चुनावी हार के बाद गहरे सदमे में है और खरगे की टिप्पणियां न केवल बकवास हैं बल्कि यह पार्टी के चरित्र को उजागर करती है. सवालों की बौछार करते हुए नड्डा ने पूछा कि संसद हमले के अभियुक्त अफजल गुरु की दोषसिद्धि पर स्थगन के लिए आधी रात को उच्चतम न्यायालय जाने वाले कौन लोग थे? बटला हाउस मुठभेड़ पर आसूं किसने बहाये थे जिस मुठभेड़ में इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी मारे गये थे और एक पुलिस अधिकारी ने भी अपनी जान की कुर्बानी दी थी.

भाजपा प्रमुख ने प्रश्न किया, ” जेएनयू में गुरु के पक्ष में नारे लगाने वालों को किसने समर्थन दिया? भगवा आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल किस सरकार ने किया?” नड्डा ने केंद्र में सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस द्वारा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ समझौता करने तथा अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ की सदस्य इल्हान उमर के साथ राहुल गांधी की मुलाकात को लेकर भी पार्टी (कांग्रेस) पर निशाना साधा.

जम्मू कश्मीर के विषय से निपटने के सरकार के तौर तरीका की आलोचना करने, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का दौरा करने और अन्य मुद्दों को लेकर उमर की भारत में कड़ी निंदा की गयी थी. सीमापार आतंकी शिविरों को ध्वस्त करने के मकसद से किये गये ‘र्सिजकल एवं एयर स्ट्राइक’ पर कथित रूप से सबूत मांगने पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए नड्डा ने कहा कि पूरी पार्टी अपने ‘विफल उत्पाद’ की रक्षा करने और उसको चमका पाने की अपनी कोशिश में बौद्धिक क्षरण का शिकार हो गयी है.

By Yogesh Kumar Sahu