Encounter: उरी में सुरक्षा बलों और आंतकियों के बीच मुठभेड़, सेना को मिली बड़ी कामयाबी; दो आतंकी ढेर

फिलहाल मारे गए आतंकियों के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं है। सुरक्षाबल इनकी पहचान में जुटे हुए हैं। इससे पहले बीते बुधवार 21 जून को बालामूला में मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। ये दोनों तश्कर-ए-ताइबा से जुड़े थे।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तानी उत्तरी कश्मीर में फिर से आतंकवाद को सक्रिय करने की साजिश रच रहा है। इस क्षेत्र में 2005 से 2015 तक आतंक फैला था। हालांकि 2019 में जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक मुहिम के तहत बारामुला जिले को आतंकी मुक्त घोषित किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तानी मूल के विदेशी आतंकियों की संख्या अभी स्थानीय आतंकियों से ज्यादा है, लेकिन इनका सफाया किया जा रहा है।

अमरनाथ यात्रा को लेकर अर्धसैनिक बलों की 24 अतिरिक्त कंपनियां होंगी तैनात
अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर में अर्धसैनिक बलों की तैनाती शुरू कर दी गई है। जम्मू जिले को इस बार अर्धसैनिक बलों की 24 अतिरिक्त कंपनियां मिली हैं, जोकि पिछले वर्ष की तुलना में पांच से छह अधिक हैं। पहली बार अमरनाथ यात्रा के रूट, यात्रियों के रुकने के स्थलों, लंगरों और अन्य जगहों पर तैनाती के अलावा अर्धसैनिक बल उन जगहों पर भी तैनात किए जा रहे हैं, जहां पर किसी अप्रिय घटना होने की आशंका है।

कहां-कहां तैनाती
जम्मू में अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियां पहुंच चुकी हैं, जिन्हें पुरानी मंडी, राम मंदिर, पीरखो मंदिर, भगवती नगर आधार शिविर में तैनात किया गया है। इसके अलावा पुरमंडल मोड़ से लेकर झज्जर कोटली तक पूरे हाईवे पर जवान भेजे गए हैं। इसमें कुंजवानी, गंग्याल, सिद्दड़ा, नगरोटा का इलाका शामिल है। अगले कुछ दिन में अन्य कंपनियां भी पहुंच जाएंगी। इन अतिरिक्त कंपनियों के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान भी लगाए जाएंगे। इन जगहों के अलावा पुलिस ने आरएस पुरा, सुचेतगढ़, अखनूर, परगवाल, ज्यौड़ियां, खौड़, अरनिया, अब्दुल्लियां, मीरां साहिब क्षेत्र में कुछ ऐसे स्थान चिह्नित किए हैं, जिन्हें आतंकी निशाना बना सकते हैं। इन जगहों पर अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। इनमें आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ की कंपनियां शामिल हैं।

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