भारत में डेटा सेंटर की बढ़ती क्षमता से उत्साहित, निवेश पर प्रधानमंत्री से चर्चा हुई: नडेला

नयी दिल्ली. अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने बुधवार को कहा कि वह भारत में अपनी कंपनी की ओर से स्थापित की जा रही डेटा सेंटर क्षमता को लेकर उत्साहित हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कंपनी की निवेश योजनाओं पर चर्चा की है.

नडेला ने देश के कृत्रिम मेधा (एआई)-प्रधान भविष्य के लिए बुनियादी ढांचे और स्वायत्त क्षमताओं के निर्माण में मदद करने के लिए 2030 तक 17.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है. यह पिछले दो महीनों में देश में तीसरा बड़ा एआई-संचालित निवेश है. उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट की निवेश योजना भारत की प्रौद्योगिकी प्रगति का प्रतीक है और वह देश में तैयार हो रही डेटा सेंटर क्षमता को लेकर उत्साहित हैं.

माइक्रोसॉफ्ट के एक कार्यक्रम में नडेला ने कहा ‘‘हम डेटा सेंटर की बढ़ती क्षमता को लेकर बेहद उत्साहित हैं. पुणे, चेन्नई और मुंबई में हमारे पास पहले से ही सुविधाएं मौजूद हैं. हैदराबाद स्थित हमारे ‘इंडिया साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन’ को लेकर भी हम बेहद उत्सुक हैं जो अगले साल शुरू होने वाला है.’’ हैदराबाद स्थित माइक्रोसॉफ्ट के ‘इंडिया साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन’ के 2026 मध्य में चालू होने की उम्मीद है.

नडेला ने कहा, ‘‘हमने जो निवेश किया है, उससे हम बेहद उत्साहित हैं. मुझे कल (मंगलवार) प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मौका मिला और निवेश को लेकर हमारी उत्सुकता पर चर्चा की.’’ भारत में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण व्यवस्था लागू होने की तैयारी के बीच माइक्रोसॉफ्ट भारतीय ग्राहकों के लिए स्वायत्त सार्वजनिक क्लाउड और स्वायत्त निजी क्लाउड सेवाएं शुरू कर रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि लोगों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि स्वायत्तता के साथ विश्वस्तरीय साइबर सुरक्षा एवं मजबूती सुनिश्चित करना भी जरूरी है.’’ नडेला ने कहा, ‘‘मैं हरेक प्रौद्योगिकी दौर में भारत आया हूं, पर्सनल कंप्यूटर से लेकर क्लाइंट-सर्वर, वेब इंटरनेट और क्लाउड-मोबाइल तक. एआई युग में भी प्रौद्योगिकी के प्रसार की गति में कोई फर्क नहीं है. अब सवाल है कि हम इस देश में इन सबका उपयोग करके नागरिकों और संगठनों के लिए क्या बदलाव ला सकते हैं.”

उन्होंने कहा, ”अगर आपके पास देश में अग्रणी प्रौद्योगिकी है, लेकिन आप केवल उसके बारे में बात करते हैं या सिर्फ उसे इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उससे नई अग्रणी प्रौद्योगिकी नहीं बनाते तो फिर आप पिछड़ जाएंगे.” उन्होंने कहा कि भारत ने नीतियों, कार्यक्रमों, प्रौद्योगिकी ढांचे और भारतीय बाजार के जरिये एक विशिष्ट टिकाऊ वृद्धि चक्र तैयार किया है. नडेला ने कहा कि भारत के लिए लचीली और स्वायत्त प्रौद्योगिकी जरूरी हैं, लेकिन इस बारे में साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक रूप से फैसला करना होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button