
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी की अदालत से आतंकवाद के वित्त-पोषण मामले में अंतरिम ज.मानत मिलने के एक दिन बाद बारामूला से सांसद इंजीनियर रशीद बुधवार को तिहाड़ जेल से बाहर आ गए. वह जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए प्रचार में भाग लेंगे. जेल के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अपने लोगों के लिए लड़ते रहेंगे. जेल से बाहर आने के बाद रशीद के बेटों और समर्थकों ने उनका स्वागत किया.
शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद को 2017 के आतंकवाद का वित्तपोषण मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था. वह 2019 से जेल में थे. वह तिहाड़ जेल में बंद थे. एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने बताया, “रशीद को शाम 4.15 बजे जेल से रिहा कर दिया गया इंजीनियर रशीद ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराया था.
सांसद ने तिहाड़ के बाहर पत्रकारों से कहा, “मैं साढ़े पांच साल जेल में रहा. मैं अपने लोगों के लिए लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं. मैं लोगों को एकजुट करने के लिए वापस आ रहा हूं, न कि उन्हें बांटने के लिए.” रशीद ने कहा, “मैं कश्मीर में स्थायी शांति लाना चाहता हूं और यह साबित करना चाहता हूं कि कश्मीरी पत्थरबाज नहीं हैं. लेकिन हम अपने राजनीतिक अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे.” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने नये कश्मीर का जो विमर्श गढ़ा है, मैं उससे लड़ूंगा.” नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा था कि रशीद को कश्मीर के लोगों की सेवा करने के लिए नहीं, बल्कि उनसे वोट लेने के लिए जमानत दी गई है.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती द्वारा रशीद की अवामी इत्तेहाद पार्टी को भाजपा की ‘छद्म’ पार्टी बताए जाने के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह इस मुद्दे पर बहुत सतर्क हैं, लेकिन ”यह अच्छा है कि महबूबा ने खुले तौर पर वह कहा है जो कई लोग सोच रहे थे.” अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए रशीद ने बुधवार को आरोप लगाया कि उन्होंने कश्मीर को “तबाह” कर दिया है.
जम्मू-कश्मीर की 90-सदस्यीय विधानसभा के लिए 18 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच तीन चरणों में चुनाव होंगे. नतीजे आठ अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में प्रचार करने के लिए शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद को मंगलवार को अंतरिम जमानत प्रदान की. न्यायाधीश ने मंगलवार को रशीद को दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत पर राहत दी. उन्होंने सांसद पर कुछ शर्तें भी लगाईं, जिनमें मामले के बारे में मीडिया से बात नहीं करना शामिल है.
न्यायाधीश ने रशीद को तीन अक्टूबर को संबंधित जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया. इस बीच, न्यायाधीश ने मामले में रशीद की नियमित जमानत याचिका पर फैसला पांच अक्टूबर के लिए स्थगित कर दिया. इससे पहले अदालत ने रशीद को लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए पांच जुलाई को हिरासत के तहत पैरोल दी थी.



