जासूसी मामला: यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की न्यायिक हिरासत 21 जुलाई तक बढ़ाई गई

भाकपा ने यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को केरल सरकार से जोड़ने वाली खबरों की निंदा की

हिसार/नयी दिल्ली. यहां की एक अदालत ने जासूसी के संदेह में गिरफ्तार की गई सोशल मीडिया ‘इंफ्लुएंसर’ ज्योति मल्होत्रा की न्यायिक हिरासत सोमवार को 14 दिनों के लिए बढ़ा दी. हिसार पुलिस ने यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जेओ’ चलाने वाली मल्होत्रा को 16 मई को गिरफ्तार किया था. हिसार की रहने वाली यूट्यूबर को न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया.

मल्होत्रा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है, लेकिन अदालत ने उसकी हिरासत अवधि को बढ़ा दिया है. मल्होत्रा के वकील कुमार मुकेश ने कहा, ”उसकी न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है और सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई तय की गई है.” तैंतीस वर्षीय यूट्यूबर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश हुई. यहां की एक अन्य अदालत ने 9 जून को उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी. पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि इस मामले में जांच अभी जारी है.

मल्होत्रा ??को 16 मई को गिरफ्तार किये जाने के बाद अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था, लेकिन आगे की पूछताछ के लिए पुलिस के अनुरोध पर इस हिरासत अवधि को चार दिन के लिए और बढ़ा दिया था. अदालत ने 26 मई को उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया था.

हिसार पुलिस ने पहले कहा था कि मल्होत्रा के पास किसी भी सैन्य या रक्षा-संबंधी जानकारी तक पहुंच होने का कोई सबूत सामने नहीं आया है, लेकिन दावा किया कि वह कुछ लोगों के संपर्क में थी और उसे पता था कि वे पाकिस्तानी खुफिया संगठन के अधिकारी हैं.
पुलिस सूत्रों ने पहले कहा था कि वह नवंबर 2023 से पाकिस्तानी उच्चायोग के एक कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थी. दानिश को कथित तौर पर जासूसी में शामिल होने के आरोप में 13 मई को भारत ने निष्कासित कर दिया था.

भाकपा ने यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को केरल सरकार से जोड़ने वाली खबरों की निंदा की

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने सोमवार को उन खबरों की कड़ी निंदा की जिनमें कहा गया है कि जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ??को केरल सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित किया था. भाकपा सांसद पी. संदोश कुमार ने एक बयान में कहा, “भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपनी गंभीर विफलताओं को छिपाने के लिए केरल सरकार को ज्योति मल्होत्रा ??जासूसी मामले में घसीटने के भाजपा के प्रयास की कड़ी निंदा करती है.” कुमार ने कहा कि यह कहना बेतुका है कि एक यूट्यूबर की पाकिस्तान यात्रा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है, जबकि पासपोर्ट जारी करना, वीजा मंजूरी और खुफिया निगरानी सभी केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं.

भाकपा सांसद ने कहा, “क्या केरल सरकार ने उसकी (ज्योति) पाकिस्तान यात्रा को मंजूरी दी थी? क्या सरकार ने उसे दिल्ली में आईएसआई संचालकों के संपर्क में रखा था? यह हताशापूर्ण और राजनीति से प्रेरित प्रयास है.” उन्होंने कहा कि भाजपा के अपने ही सदस्यों के “जासूसी और आतंकवाद” से जुड़े मामलों में संलिप्त रहने का लंबा इतिहास रहा है.

उन्होंने कहा, “भोपाल में इसके आईटी सेल के ध्रुव सक्सेना, बजरंग दल के बलराम सिंह, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी तालिब शाह, जिसे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का आईटी प्रमुख नियुक्त किया गया था, और पूर्व भाजपा नेता तारिक मीर को आतंकवादियों को हथियार आपूर्ति करने के लिए गिरफ्तार किया गया. राष्ट्रपति पदक से सम्मानित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) दविंदर सिंह को भी हिजबुल आतंकवादियों को बचाते हुए पकड़ा गया और बाद में उसका संबंध पाकिस्तानी आकाओं से पाया गया. यह भाजपा का वास्तविक राष्ट्रीय सुरक्षा रिकॉर्ड है.” भाकपा नेता ने यह भी कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अपराधियों का अभी तक पता नहीं लगाया जा सका है और उन्हें गिरफ्तार भी नहीं किया जा सका है.

उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी लेने के बजाय, भाजपा अब नियमित पर्यटन कार्यक्रम को लेकर केरल को निशाना बना रही है जिसमें ज्योति मल्होत्रा ?ने एक बार भाग लिया था, जबकि इस कार्यक्रम और उसकी आईएसआई भर्ती के बीच कोई संबंध नहीं है. केंद्र की अपनी एजेंसियां कई पाकिस्तान यात्राओं और विदेशी वित्तपोषण का पता लगाने में विफल रहीं, जबकि ये सभी उनके सीधे अधिकार क्षेत्र में हैं.”

भाकपा नेता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक केंद्रीय विषय है और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) “बार-बार की खुफिया चूक और अपने ही खेमे के लोगों के जासूसी और आतंकवाद से जुड़े लोगों की बढ़ती सूची” से अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती.
उन्होंने कहा, “भारत के लोग जवाबदेही के हकदार हैं, बलि का बकरा और राजनीतिक प्रतिशोध के नहीं.” खबरों में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि मल्होत्रा उन लोगों में शामिल थी जिन्हें केरल सरकार ने राज्य संचालित इंफ्लुएंसर तालमेल कार्यक्रम में आमंत्रित किया था.

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