निर्यात मई में नौ प्रतिशत बढ़कर 38.13 अरब डॉलर पर, व्यापार घाटा सात महीनों में सर्वाधिक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 14 Jun 2024 06:48 PM
निर्यात मई में नौ प्रतिशत बढ़कर 38.13 अरब डॉलर पर, व्यापार घाटा सात महीनों में सर्वाधिक
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नयी दिल्ली. भारत का मई में वस्तु निर्यात नौ प्रतिशत बढ़कर 38.13 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले इसी महीने में 34.95 अरब डॉलर था. इस दौरान व्यापार घाटा बढ़कर सात महीने के उच्चतम स्तर 23.78 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने मई में इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक, औषधि, कपड़ा और प्लास्टिक जैसे क्षेत्रों में स्वस्थ वृद्धि के दम पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद निर्यात में वृद्धि दर्ज की है.

आलोच्य अवधि में कच्चे तेल का आयात बढ़ने से देश का कुल आयात 7.7 प्रतिशत बढ़कर 61.91 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया. यह मई 2023 में 57.48 अरब अमेरिकी डॉलर था. तेल आयात मई में 28 प्रतिशत बढ़कर 20 अरब डॉलर हो गया. इस तरह वित्त वर्ष 2024-25 के पहले दो महीनों में तेल आयात 24.4 प्रतिशत बढ़कर 36.4 अरब डॉलर हो गया. हालांकि, इस साल मई में सोने का आयात मामूली रूप से घटकर 3.33 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 3.69 अरब डॉलर था.

समीक्षाधीन महीने में आयात और निर्यात के बीच का अंतर यानी देश का व्यापार घाटा बढ़कर 23.78 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो सात महीनों का उच्चतम स्तर है. पिछली बार अक्टूबर 2023 में यह 31.46 अरब अमरीकी डॉलर रहा था. अप्रैल 2024 में देश का निर्यात घटकर 41.68 अरब अमरीकी डॉलर हो गया था जो अप्रैल 2023 में 41.96 अरब डॉलर था. कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-मई के दौरान निर्यात 5.1 प्रतिशत बढ़कर 73.12 अरब डॉलर हो गया जबकि आयात 8.89 प्रतिशत बढ़कर 116 अरब डॉलर रहा.

वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने इन आंकड़ों के बारे में कहा कि निर्यात के नजरिये से मई महीना उत्कृष्ट रहा है और यह प्रवृत्ति जारी रहने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति धीमी हो रही है और इससे क्रय शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे आयात की मांग बढ़ेगी.

बर्थवाल ने कहा, ”मुझे लगता है कि यह सकारात्मक रुझान जारी रहेगा. व्यापार क्षेत्र के लिए चीजें बेहतर और आशावादी दिख रही हैं.” बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंतित होने के सवाल पर सचिव ने कहा कि चूंकि भारत विश्व की तुलना में उच्च आर्थिक वृद्धि दर्ज कर रहा है, लिहाजा आयात की घरेलू मांग बढ़ेगी तथा निर्यात योग्य अधिशेष में कमी आएगी.

बर्थवाल ने कहा, ”जब तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आ रहा है, विदेशी मुद्रा आ रही है और आप इसे अन्य तरीकों से संतुलित कर रहे हैं, तब तक मैं व्यापार घाटे को उतना बुरा नहीं मानता. दूसरी बात, हमें बढ़ते सेवा निर्यात पर भी ध्यान देना चाहिए…तब हमें वस्तुओं के व्यापार घाटे के बारे में अनावश्यक रूप से चिंतित नहीं होना चाहिए.” वाणिज्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में सेवाओं के निर्यात का अनुमानित मूल्य 30.16 अरब डॉलर है जबकि मई 2023 में यह 26.99 अरब डॉलर था. इस महीने सेवाओं का आयात भी बढ़कर 17.28 अरब डॉलर होने का अनुमान है जो मई 2023 में 15.88 अरब डॉलर था. मई माह में भारत के शीर्ष पांच निर्यात गंतव्य अमेरिका, नीदरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और ब्रिटेन रहे.

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