
चंडीगढ़/नयी दिल्ली. हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने मंगलवार को फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय का दौरा किया और शीर्ष अधिकारियों को उन ”सुरक्षा खामियों” की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए, जिनके कारण कुछ डॉक्टर एक ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा बने और विश्वविद्यालय को अपना ठिकाना बनाया. ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ और 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद फरीदाबाद के धौज स्थित यह विश्वविद्यालय जांच के दायरे में आ गया है.
दौरे के बाद डीजीपी ने फरीदाबाद के उपायुक्त और पुलिस आयुक्त के साथ संयुक्त बैठक की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घटना के बाद से लापता संकाय सदस्यों का जल्द पता लगाया जाए और इस संबंध में केंद्रीय एजेंसियों को भी सतर्क किया जाए.
डीजीपी सिंह ने कहा, ”विश्वविद्यालय में सुरक्षा खामियों की जांच करें कि कैसे इतने शातिर लोगों ने इसे अपना ठिकाना बनाया और इतनी भारी मात्रा में गोला-बारूद एवं हथियार लिए अपना काम करते रहे.” जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन सईद का विश्वविद्यालय से संबंध था, जबकि डॉ. उमर नबी वहां सहायक प्रोफेसर था. नबी ही वह व्यक्ति बताया जा रहा है जो लाल किला क्षेत्र में विस्फोट करने वाली हुंडई आई20 कार चला रहा था.
डीजीपी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपने दौरे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की जानकारी साझा की. उन्होंने अधिकारियों से छात्रों से संवाद कर उन्हें आश्वस्त करने को कहा कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और घबराने की आवश्यकता नहीं है. अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”मैंने एडीआईजी/सीआईडी के साथ अल फलाह विश्वविद्यालय में सुबह चार घंटे बिताए. सुरक्षार्किमयों, प्रशासनिक अधिकारियों, फैकल्टी, छात्रों, आसपास के गांवों के लोगों और मस्जिद के मौलवी के परिवार से बात की. आतंकियों के ठिकानों का निरीक्षण किया.” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, ”सभी धार्मिक संस्थाओं की जांच करें और सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार की कट्टरवादी गतिविधि से लोग प्रभावित न हों.”
लाल किला विस्फोट मामला : ईडी ने अल फलाह विश्वविद्यालय, उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापे मारे
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लाल किला कार विस्फोट मामले में मुख्य भूमिका निभाने वाले फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय के न्यासियों और प्रवर्तकों के खिलाफ दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मंगलवार को एक साथ छापेमारी की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि संघीय जांच एजेंसी के कई दलों ने सुबह 5:15 बजे से अल फलाह ट्रस्ट और विश्वविद्यालय प्रतिष्ठान के कम से कम 25 परिसरों की तलाशी ली. एजेंसी के दलों ने दिल्ली के ओखला क्षेत्र में एक कार्यालय पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में छापा मारा. दिल्ली में लाल किले के निकट 10 नवंबर को हुए विस्फोट में 15 लोग मारे गए. विस्फोट में विश्वविद्यालय तथा कश्मीर से जुड़े कई चिकित्सकों की भूमिका आतंकवाद निरोधी जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में है.
ईडी के एक अधिकारी ने कहा, ”यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी कंपनियों, आवास संस्थाओं के इस्तेमाल और धन शोधन की चल रही जांच का हिस्सा है. अल फलाह ट्रस्ट और संबंधित संस्थाओं की भूमिका की जांच की जा रही है.” अधिकारी ने बताया कि ट्रस्ट और विश्वविद्यालय के वित्त व प्रशासन की देखरेख करने वाले ”प्रमुख” र्किमयों के खिलाफ भी छापे मारे गए हैं.
ईडी ने इस मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी का संज्ञान लिया है. अब तक एनआईए ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें ”आत्मघाती हमलावर” डॉ. उमर नबी का कथित करीबी सहयोगी बताया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, समूह से जुड़ी कम से कम नौ फर्जी कंपनियां ईडी की जांच के दायरे में हैं. ये कंपनियां एक ही पते पर पंजीकृत पायी गयी हैं.
प्रारंभिक जांच में कई ऐसे ”जोखिम” संकेतक पाए गए हैं जो फर्जी कंपनियों जैसी गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं. इनमें घोषित व्यावसायिक पते पर भौतिक उपस्थिति या वास्तविक उपयोगिता (बिजली-पानी आदि) का न होना, विभिन्न कंपनियों और खातों में एक जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल का इस्तेमाल शामिल है.
ईडी के जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में कोई पंजीकरण नहीं किया गया है. जांच में विभिन्न कंपनियों के निदेशकों/अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के बीच ‘ओवरलैप’ और केवाईसी दस्तावेजों में त्रुटियों का भी पता चला है.
अधिकारियों ने कहा कि कई कंपनियों में बैंकिंग चैनलों के माध्यम से बहुत कम वेतन भुगतान, एचआर (मानव संसाधन) रिकॉर्ड का न होना, साथ ही कंपनियों के एक जैसे तरीके से पंजीकरण और एक जैसी संपर्क जानकारी का इस्तेमाल किया जाना भी सामने आया है.
इसके अलावा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) से मान्यता से संबंधित दावों में भी प्रारंभिक स्तर पर विसंगतियां पाई गई हैं, जो शैक्षणिक संस्थानों के लिए निर्धारित मानकों का अनुपालन न होने की ओर संकेत करती हैं. अल फलाह विश्वविद्यालय हरियाणा में फरीदाबाद जिले के धौज क्षेत्र में स्थित है और यह एक मेडिकल कॉलेज-सह-अस्पताल है.



