पूर्व नौकरशाह राज कुमार गोयल ने मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में शपथ ली

नयी दिल्ली. भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी राज कुमार गोयल ने मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) के रूप में और आठ ने सूचना आयुक्त के रूप में सोमवार को शपथ ली. इसी के साथ नौ साल के अंतराल के बाद सूचना आयोग में सभी रिक्तियां भर गई हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति ने इन नियुक्तियों की सिफारिश की थी.

राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में गोयल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र ंिसह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

गोयल अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) काडर के 1990 बैच के (सेवानिवृत्त) आईएएस अधिकारी हैं. वह 31 अगस्त को विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधीन न्याय विभाग में सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. उन्होंने गृह मंत्रालय में सचिव (सीमा प्रबंधन) के रूप में भी कार्य किया और केंद्र तथा पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे. मुख्य सूचना आयुक्त का पद 13 सितंबर को हीरालाल सामरिया का कार्यकाल पूरा होने के बाद रिक्त हुआ था.

आयोग की अध्यक्षता मुख्य सूचना आयुक्त करते हैं और इसमें अधिकतम 10 सूचना आयुक्त हो सकते हैं. नव निर्वाचित मुख्य सूचना आयुक्त और आठ सूचना आयुक्तों के कार्यभार संभालने पर नौ वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद ऐसा होगा जब आयोग पूरी क्षमता से काम करेगा. वर्तमान में आनंदी रामंिलगम और विनोद कुमार तिवारी सूचना आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं. गोयल ने शपथ ग्रहण समारोह में आठ नए नियुक्त अधिकारियों को पद की शपथ दिलाई.

नए सूचना आयुक्तों में रेलवे बोर्ड की पूर्व प्रमुख जया वर्मा सिन्हा, खुफिया ब्यूरो, गृह मंत्रालय और कैबिनेट सचिवालय में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी स्वागत दास, तत्कालीन केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) अधिकारी संजीव कुमार ंिजदल, पूर्व आईएएस अधिकारी सुरेंद्र ंिसह मीणा और भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारी खुशवंत ंिसह सेठी शामिल हैं.

वरिष्ठ पत्रकार पी आर रमेश एवं आशुतोष चतुर्वेदी तथा पूर्व भारतीय विधि सेवा की अधिकारी सुधा रानी रेलंगी ने भी सूचना आयुक्त के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. रेलंगी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में अभियोजन निदेशक और विधि एवं न्याय मंत्रालय में संयुक्त सचिव और विधायी सलाहकार के रूप में भी काम किया है. मोदी के नेतृत्व वाली समिति की बैठक में मुख्य सूचना आयुक्त और आठ सूचना आयुक्तों के नामों को मंज़ूरी दी गई. समिति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल थे.

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