
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में करीब नौ महीने तक सलाखों के पीछे रहने के बाद बृहस्पतिवार को जमानत पर जेल से रिहा हो गयीं. इस रिहाई से एक दिन पहले इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब ने 10 लाख रुपये के मुचलके बांड पर 50 वर्षीय बुशरा बीबी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी. खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने व्हाट्सऐप संदेश में बुशरा की रिहाई की पुष्टि की.
इस संदेश में कहा गया है, ”बुशरा बीबी को जेल से रिहा कर दिया गया.” पीटीआई ने कहा कि बुशरा को पहली बार 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. अदालत द्वारा बुशरा को भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराये जाने एवं 14 साल की कैद की सजा सुनाये जाने के बाद उन्हें (फिर) गिरफ्तार किया गया था.
तोशाखाना मामले में, खान और उनकी पत्नी पर विदेशी गणमान्य अतिथियों से मिले उपहारों को बेचकर लाभ कमाने का आरोप है.
इससे पहले, न्यायमूर्ति औरंगजेब ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए बुशरा से और पूछताछ की जरूरत को लेकर संघीय जांच एजेंसी के जांच अधिकारी से सवाल किया था. अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की थी कि और जांच की जरूरत नहीं है. बुशरा खान की तीसरी पत्नी हैं.
इस बीच खान और बुशरा के खिलाफ बुधवार को होने वाली अभियोग कार्यवाही सुरक्षा कारण से स्थगित कर दी गई क्योंकि रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल में होने वाली सुनवाई को इस्लामाबाद के न्यायिक परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया. हालांकि, सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ. सकी और अदालत ने अभियोग की सुनवाई 26 अक्टूबर के लिए पुर्निनर्धारित कर दी. बुशरा की रिहाई पीटीआई के साथ-साथ खान के लिए भी राहत की बात है, जो जोर देते रहे हैं कि उनकी पत्नी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.



