
हैदराबाद. तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने फॉर्मूला ई रेस मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (केटीआर) पर मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार को मंज़ूरी दे दी है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. फॉर्मूला-ई रेस मामले की जांच कर रहे तेलंगाना के भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने इस साल सितंबर में विधायक रामा राव और दो अन्य आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी.
मुख्य आरोपी रामा राव के अलावा, एसीबी ने सरकार को पत्र लिखकर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एचएमडीए) के पूर्व मुख्य अभियंता बी एल एन रेड्डी पर मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी.
हालांकि, सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि अरविंद कुमार पर मुकदमा चलाने की अनुमति अभी केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभग से नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि रामा राव और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले में आरोप पत्र दाखिल होने की उम्मीद है.
रामा राव ने पहले फॉर्मूला ई रेस मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा था कि वह ‘लाई-डिटेक्टर टेस्ट’ के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा था कि सरकार की तरफ से रेस आयोजकों को पैसे हस्तांतरित करने का फैसला उनका था. उन्होंने कहा कि उनका इरादा यह देखना था कि रेस हैदराबाद में हो ताकि शहर की प्रतिष्ठा बढ़े.
रामा राव ने दावा किया कि सरकार द्वारा भेजा गया पैसा आयोजकों के पास है और इस मामले में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है.
फ.ॉर्मूला-ई रेस का आयोजन फरवरी 2023 में हैदराबाद में हुआ था. हालांकि, रेस का दूसरा संस्करण 2024 में होना प्रस्तावित था, लेकिन दिसंबर 2023 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था.
रामा राव के खिलाफ जांच लगभग 55 करोड़ रुपये के भुगतान में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी है, जिसमें से ज़्यादातर का भुगतान विदेशी मुद्रा में हुआ, जो बीआरएस की पिछली सरकार के दौरान 2024 में होने वाले कार्यक्रम के लिए “तय प्रक्रियाओं का उल्लंघन” था.
दिसंबर 2024 में एसीबी ने रामा राव, अरविंद कुमार और बी एल एन रेड्डी के खिलाफ मामला दर्ज किया.



