बंगाल में रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव की घटना में चार घायल

भाजपा ने बंगाल में रामनवमी पर हिंसा भड़कायी : ममता बनर्जी

कोलकाता/रायगंज/नयी दिल्ली. पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव की एक कथित घटना में कम से कम चार लोग घायल हो गये. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि बुधवार रात करीब 9.10 बजे हुई घटना में शामिल होने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है. यह घटना तब हुई जब शोभायात्रा एगरा में कॉलेज मोड़ से गुजर रही थी. उन्होंने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, “इलाके में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. हम घटना की जांच कर रहे हैं. चार लोगों को हिरासत में लिया गया है और स्थिति अब नियंत्रण में है.” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और मेदिनीपुर से उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कथित पथराव की घटना के खिलाफ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया.

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “रामनवमी पर शोभायात्रा में हिंदू भाइयों और बहनों पर आज रात एगरा में जिहादियों द्वारा हमला किया गया. जिन लोगों ने हमला किया वे बच गए लेकिन जिन लोगों पर हमला हुआ उन्हें एगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पूरी रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.”

भाजपा ने बंगाल में रामनवमी पर हिंसा भड़कायी : ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में रामनवमी पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान हिंसा भड़कायी. उन्होंने दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले में हिंसा ”पूर्व नियोजित” थी और उन्होंने भाजपा पर लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इसे अंजाम देने का आरोप लगाया.

ममता ने रायगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली में आरोप लगाया, ”सब कुछ पूर्व नियोजित था. रामनवमी से एक दिन पहले मुर्शिदाबाद के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को हटा दिया गया ताकि आप (भाजपा) हिंसा कर सकें.” मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा से जुड़े गुंडों ने जिले में पुलिस र्किमयों से मारपीट की.

ममता बनर्जी मुर्शिदाबाद हिंसा के लिए जिम्मेदार : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि बंगाली हिंदुओं की रक्षा करने में ‘विफल’ रहने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. पार्टी ने यह भी कहा कि मुर्शिदाबाद में रामनवमी के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा में हुई हिंसा के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं.

भाजपा ने यह प्रतिक्रिया राज्य में सत्तारूढ. तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा यह दावा किए जाने के बाद दी कि हिंसा ‘पूर्व नियोजित’ थी. पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”बंगाल बिखर रहा है और इसके लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं. उनके निंदनीय और सांप्रदायिक भाषणों के कारण पूरे बंगाल में राम भक्तों पर हमले हुए हैं.” उन्होंने कहा कि बंगाली हिंदुओं की रक्षा करने में ‘विफल’ रहने के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.

मालवीय ने दावा किया, ”मुर्शिदाबाद में बड़े पैमाने पर दंगे के बाद अब मेदिनीपुर के एगरा में राम भक्तों को निशाना बनाया जा रहा है.” उन्होंने कहा, ”भाजपा कार्यकर्ता रामनवमी पर निकाली गई शोभायात्रा पर हुए हमले के खिलाफ एगरा पुलिस थाने का घेराव करेंगे.” इससे पहले ममता बनर्जी ने रायगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली में कहा, ”सब कुछ पूर्व नियोजित था. रामनवमी से एक दिन पहले मुर्शिदाबाद के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को हटा दिया गया ताकि आप (भाजपा) हिंसा कर सकें.”

विहिप की मुर्शिदाबाद में राम नवमी पर हिंसा के मामले में एनआईए से जांच कराने की मांग
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में राम नवमी उत्सव के दौरान हिंसा की घटना की निंदा की और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराने की मांग की. विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ. तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में हमले को अंजाम दिया गया.

उन्होंने दावा किया कि यह ‘आतंकवादी घटना’ थी और विस्फोट के मामले में एनआईए से जांच कराई जानी चाहिए. जैन ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी जनसभाओं से जहां शांति के लिए अपील कर रही थीं, वहीं राम नवमी पर दंगों की आशंका जता रही थीं.

उन्होंने आरोप लगाया, ”वास्तव में यह उकसाने और भड़काने का एक बहाना था.” जैन ने कहा, ”हम उच्च न्यायालय में जाएंगे और मांग करेंगे कि इस आतंकवादी हमले की जांच एनआईए से कराई जाए क्योंकि प्रशासन की मिलीभगत रही है और इसलिए वह अपने ही कृत्यों की जांच नहीं कर सकता.”

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