‘डिब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी में शामिल गिरोह ने 400 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाए : ईडी

इंदौर. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर की एक विशेष अदालत को बताया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध डिब्बा ट्रेडिंग (प्रतिभूतियों का अवैध और अनियमित कारोबार) और ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों में शामिल एक सिंडिकेट (गिरोह) के सदस्यों ने आपराधिक तरीकों से 404.46 करोड़ रुपये कमाए. ईडी की ओर से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई.

विज्ञप्ति में कहा गया कि ईडी ने इंदौर, मुंबई, अहमदाबाद, चेन्नई और दुबई में बड़े पैमाने पर संचालित अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों में शामिल एक सिंडिकेट के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की है. विज्ञप्ति के मुताबिक यह शिकायत इंदौर में धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) मामलों की एक विशेष अदालत के सामने सोमवार को दायर की गई.

विज्ञप्ति में कहा गया, ”जांच में हेर-फेर से चलने वाले ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, अवैध सट्टेबाजी से जुड़ी वेबसाइट और अनियमित व्हाइट लेबल एप्लिकेशन (किसी कंपनी का विकसित ऐसा सॉफ्टवेयर या ऐप जिसे बिना किसी खास नियमन या लाइसेंस के दूसरे व्यवसायों को अपने नाम और ब्रांड के तहत इस्तेमाल करने के लिए बेच दिया जाता है) से कमाई गई 404.46 करोड़ रुपये की धनराशि का पता चला है.” विज्ञप्ति के मुताबिक ईडी की जांच में इस रकम के अलावा 34.26 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है जिसमें 28.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति, 3.83 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और बैंक खातों में 1.83 करोड़ रुपये की जमाराशि शामिल है.

विज्ञप्ति में कहा गया,”जांच में हेरफेर वाले तकनीकी तंत्र का पता चला जिसमें गड़बडि़यों वाले ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, अवैध सट्टेबाजी की वेबसाइटें और सीमा पार का धनशोधन तंत्र शामिल हैं. विशाल अग्निहोत्री की पहचान इसके मुख्य संचालक के रूप में की गई है.” विज्ञप्ति में तरुण श्रीवास्तव, श्रीनिवासन रामासामी, धवल देवराज जैन, धर्मेश रजनीकांत त्रिवेदी और निधि चंदनानी के खिलाफ भी अलग-अलग आरोपों का जिक्र किया गया है.

विज्ञप्ति के मुताबिक इस मामले में तलाशी के दौरान जब्त किए गए सामान में 5.21 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी, करीब 60 किलोग्राम वजनी चांदी की सिल्लियां और 100 ग्राम सोने की सिल्ली शामिल हैं. विज्ञप्ति में बताया गया कि ईडी ने लगभग 1.94 करोड़ रुपये के गहनों और 4.77 करोड़ रुपये की घडि़यों के साथ ही 41 लाख रुपये से ज्यादा की ‘फ्रीज’ की गई क्रिप्टोकरेंसी भी जब्त की.

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