
देर अल-बला. गाजा में इजराइल के हवाई हमलों में ‘वर्ल्ड सेंट्रल किचन’ परमार्थ समूह के लिए काम करने वाले छह अंतरराष्ट्रीय सहायता र्किमयों और उनके फलस्तीनी वाहन चालक की मौत हो गई. सहायता समूह ने मंगलवार को यह जानकारी दी. इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वीकार किया है कि उनकी सेना द्वारा किए गए हमले में सात सहायता र्किमयों की मौत हुई है.
इस हमले को समुद्र के रास्ते गाजा तक सहायता पहुंचाने की कोशिश के लिए झटका माना जा रहा है जहां इजराइल हमास के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और हजारों फलस्तीनी भुखमरी की कगार पर हैं. हमले के तुरंत बाद साइप्रस के एक अधिकारी ने बताया कि राहत सामग्री के साथ भेजे गए जहाज वापस लौट रहे हैं और करीब 240 टन राहत सामग्री जहाज से नहीं उतारी जा सकी. नामी खानसामा जोस एंड्रेस द्वारा स्थापित संस्थान ने कहा कि वह इस क्षेत्र में अपनी गतिविधि निलंबित कर रहा है.
इजराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हागरी ने कहा कि ”इस दुखद घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए” समीक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र जांच की जाएगी जिससे ” ऐसी स्थिति पैदा होने के खतरों को कम करने में मदद मिलेगी.” वीडियो फुटेज में मध्य गाजा शहर दीर अल-बलाह के अस्पताल में शव नजर आ रहे हैं. कई लोग परमार्थ समूह के ‘लोगो’ वाले सुरक्षा उपकरण पहने दिख रहे हैं. अस्पताल के दस्तावेजों के मुताबिक मारे गए लोगों में ब्रिटेन के तीन नागरिक हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया और पोलैंड का एक-एक व्यक्त है. एक व्यक्ति अमेरिका-कनाडा की दोहरी नागरिकता वाला है. धर्मार्थ संस्थान ने बताया कि टीम तीन कार के काफिले में यात्रा कर रही थी जिनमें से दो बख्तरबंद वाहन थे.
संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इरिन गोरे ने कहा, ” आवाजाही को लेकर उनसे (इजराइली सेना) समन्वय किए जाने के बावजूद टीम को निशाना बनाया गया जो करीब 100 टन मानवीय सहायता उतारने के लिए देर अल-बला स्थित गोदाम जा रही थी.” उन्होंने कहा, ”यह केवल वर्ल्ड सेंट्रल किचन पर ही हमला नहीं है बल्कि मानवीय संगठनों पर भी हमला है जो गंभीर परिस्थितियों में काम कर रहे हैं जहां भोजन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. यह माफी योग्य नहीं है.”
नेतन्याहू ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ”दुर्भाग्य से गत दिन गाजा पट्टी में निर्दोष लोगों पर हमारी सेना के अनजाने हमले की एक दुखद घटना हुई.” उन्होंने कहा, ”अधिकारी इसकी पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए हरसंभव उपाय करेंगे.” ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने पुष्टि की कि मेलबर्न के 44 वर्षीय जोमी फ्रैंककॉम हमले में मारे गए लोगों में से एक थे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इजराइल से स्पष्टीकरण मांगा है.
अल्बानीज ने कहा, ”हम इसके लिए पूर्ण जवाबदेही चाहते हैं क्योंकि यह ऐसी त्रासदी है जो कभी नहीं होनी चाहिए थी.” पोलैंड के विदेश मंत्रालय ने गाजा पट्टी में फलस्तीनियों को सहायता की पेशकश करने वाले एक स्वयंसेवक के परिवार के प्रति ”सहानुभूति” प्रकट की. विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इजराइल से स्पष्टीकरण का अनुरोध कर रहा है. ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने कहा कि उसे गाजा में एक ब्रिटिश नागरिक की मौत की जानकारी है और वह ‘तत्काल अतिरिक्त जानकारी मांग रहा है.”



