सरकार ने पान मसाला, तंबाकू पर अधिकतम GST उपकर की सीमा तय की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 26 Mar 2023 08:03 PM
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नयी दिल्ली. सरकार ने पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू के अन्य उत्पादों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजा उपकर की अधिकतम दर की सीमा तय कर दी है. इसके साथ ही सरकार ने उच्चतम दर को खुदरा बिक्री मूल्य से भी जोड़ दिया है. उपकर की दर की सीमा गत शुक्रवार को लोकसभा में पारित वित्त विधेयक, 2023 में संशोधनों के तहत लाई गई है. ये संशोधन एक अप्रैल, 2023 से लागू होंगे.

संशोधन के मुताबिक, पान मसाला के लिए जीएसटी मुआवजा का अधिकतम उपकर प्रति इकाई खुदरा मूल्य का 51 प्रतिशत होगा. मौजूदा व्यवस्था के तहत उपकर उत्पाद के मूल्यानुसार 135 प्रतिशत पर लगाया जाता है. तंबाकू पर दर 4,170 रुपये प्रति हजार स्टिक के साथ मूल्यानुसार 290 प्रतिशत या प्रति इकाई खुदरा मूल्य के 100 प्रतिशत तय की गई है.

अभी तक सबसे ऊंची दर 4,170 रुपये प्रति हजार स्टिक के साथ मूल्यानुसार 290 प्रतिशत है. यह उपकर जीएसटी की सबसे ऊंची 28 प्रतिशत की दर के ऊपर लगाया जाता है. हालांकि, कर विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के बाद लागू होने वाले मुआवजा उपकर के लिए आकलन के लिए जीएसटी परिषद को अधिसूचना जारी करने की जरूरत होगी.

सरकार ने एक्स-रे मशीन के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया

सरकार ने एक्स-रे मशीन और नॉन-पोर्टेबल एक्स-रे जनरेटर के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है. यह बढ़ोतरी एक अप्रैल से लागू होगी. अभी एक्स-रे मशीन और नॉन-पोर्टेबल एक्स-रे जनरेटर और सामान पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगता है.

सीमा शुल्क की दरों में बदलाव गत शुक्रवार को लोकसभा में पारित वित्त विधेयक, 2023 में संशोधनों के तहत है. ये संशोधन एक अप्रैल, 2023 से लागू होंगे. एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि इसका मकसद देश में विनिर्माण की अड़चनों को दूर करना है. ‘‘इससे ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन मिलेगा और आयात पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा.’’

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