चीन और पाकिस्तान संबंधी सुरक्षा चुनौतियों पर संसद को विश्वास में ले सरकार: खरगे

नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चीन और पाकिस्तान से संबंधित सुरक्षा चुनौतियों का हवाला देते हुए मंगलवार को केंद्र से संसद को विश्वास में लेने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि अपने ”झूठे अहंकार और खोखले प्रचार” के कारण वह यह भी भूल गई है कि भारत के सामरिक हितों की रक्षा करना उसकी जिम्मेदारी है.

खरगे ने यह भी कहा कि भारत की सीमा के दो मोर्चे के घटनाक्रम ने नरेन्द्र मोदी सरकार की उदासीनता को फिर से उजागर किया है.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ”क्या यह सच नहीं है कि चीन ने पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तटों को जोड़ने वाले एक पुल का निर्माण और संचालन किया है, जो उसे हमारे एलएसी के करीब इस क्षेत्र में सामरिक प्रभुत्व स्थापित करने की अनुमति देता है?”

कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, ”क्या यह सच नहीं है कि चीन ने डेमचोक सेक्टर में एलएसी के पास एक नया गांव बसाना शुरू कर दिया है, जो देपसांग के साथ गलवान के बाद गतिरोध का बिंदु है?” खरगे ने पाकिस्तान को लेकर सवाल किया कि क्या यह सच नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी के तीसरी बार शपथ लेने के बाद से जम्मू-कश्मीर में खासकर जम्मू क्षेत्र में 25 आतंकी हमले हुए हैं, जिनमें15 सैनिक या सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और 27 घायल हुए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा के बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दे हैं और इस पर एकजुटता वाले और समग्र दृष्टिकोण की जरूरत है. खरगे ने कहा, ”मोदी सरकार को संसद को विश्वास में लेना चाहिए, लेकिन अपने झूठे अहंकार और खोखले प्रचार में वह भूल गई है कि भारत के सामरिक हितों की रक्षा करना भी उसकी जिम्मेदारी है.”

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