सरकार पांच साल में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर देने के लिए लाएगी योजना

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 23 Jul 2024 07:01 PM
सरकार पांच साल में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर देने के लिए लाएगी योजना
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नयी दिल्ली. युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच साल की अवधि में 500 शीर्ष कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए मंगलवार को एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा.
इस योजना के तहत युवाओं को 5,000 रुपये प्रति माह का इंटर्नशिप भत्ता और 6,000 रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी.

सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री के पैकेज की पांचवीं योजना के तौर पर हमारी सरकार पांच साल में 500 शीर्ष कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए एक व्यापक योजना शुरू करेगी.” इन युवाओं को 12 महीने तक वास्तविक कारोबारी परिवेश, विविध व्यवसायों और रोजगार के अवसरों का अनुभव मिलेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि कंपनियां अपनी सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व)निधि से प्रशिक्षण लागत और इंटर्नशिप लागत का 10 प्रतिशत वहन करेंगी. कंपनी अधिनियम 2013 के मुताबिक, लाभ में चल रही कंपनियों के लिए किसी वित्त वर्ष में तीन साल के शुद्ध लाभ का कम-से-कम दो प्रतिशत सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना जरूरी होता है.

यूपीएससी को परीक्षा और चयन के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक मिले; लोकपाल को 33.32 करोड़ रुपये

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को ‘सिविल सेवा परीक्षाओं एवं चयन’ की प्रक्रिया पर होने वाले व्यय के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में 200 करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान किये गये हैं. संघ लोक सेवा आयोग भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित विभिन्न नौकरशाहों के चयन के लिए तीन चरणों (प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार) में सालाना परीक्षा आयोजित करता है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को संसद में पेश बजट में यूपीएससी को चालू वित्त वर्ष के लिए 425.71 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं. इनमें से 208.99 करोड़ रुपये अध्यक्ष और सदस्यों के वेतन और भत्तों एवं प्रशासनिक खर्चों के लिए हैं.
बजट दस्तावेजों के अनुसार, आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और चयनों से संबंधित व्यय के लिए कुल 216.72 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

आयोग को 2023-24 के दौरान 426.24 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. लोकपाल के लिए वित्त वर्ष 2024-25 में 33.32 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को चालू वित्त वर्ष के लिए 51.31 करोड़ रुपये के प्रावधान किये गये हैं. सीवीसी को 2023-24 के लिए 44.46 करोड़ रुपये दिए गए थे, जिसे पिछले वित्त वर्ष के लिए संशोधित कर 47.73 करोड़ रुपये कर दिया गया था.

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