राज्यपाल ने भाजपा विधायक दल के नेता मोहन यादव को मप्र में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया

जगदीश देवड़ा होंगे उपमुख्यमंत्री और नरेंद्र सिंह तोमर होंगे मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष

भोपाल. मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने सोमवार को भाजपा विधायक दल के नेता मोहन यादव को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें अगले मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति से संबंधित एक पत्र सौंपा. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में चुने जाने के तुरंत बाद, उज्जैन दक्षिण से तीन बार विधायक रहे यादव (58) वरिष्ठ नेताओं के साथ सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए यहां राजभवन पहुंचे.

अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल ने निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद यादव को नया मुख्यमंत्री नियुक्त करने का पत्र सौंपा. उन्होंने कहा कि पटेल ने भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेता यादव को अपनी मंत्रिपरिषद बनाने के लिए भी आमंत्रित किया. हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया कि नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह कब होगा.

इससे पहले दिन में, भाजपा विधायक दल ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में चौहान कैबिनेट के सदस्य यादव को अपना नेता चुना, जिससे उनके अगले मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने का मार्ग प्रशस्त हो गया. भाजपा ने 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनावों में 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीटें जीतकर मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस 66 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही.

भाजपा ने उज्जैन से विधायक मोहन यादव को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना, शिवराज राज की समाप्ति

भाजपा ने सोमवार को आश्चर्यचकित करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता और तीन बार विधायक रहे मोहन यादव को मध्य प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री चुन लिया. प्रदेश पार्टी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने यह जानकारी दी. भाजपा विधायक दल ने निवर्तमान सरकार में मंत्री यादव (58) को अपना नेता चुना, जिससे उनके लिए मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने का मार्ग प्रशस्त हो गया.

शर्मा ने कहा कि निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में शाम को भोपाल में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में शीर्ष पद के लिए उज्जैन दक्षिण से भाजपा विधायक यादव का नाम प्रस्तावित किया.
यादव, जिन्हें मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में नहीं देखा गया था, को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का करीबी माना जाता है. वह तीन बार के विधायक और एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं.

ओबीसी मप्र की आबादी का 48 प्रतिशत से अधिक हैं. वह पहली बार 2013 में उज्जैन दक्षिण से विधायक चुने गए. इसके बाद 2018 और फिर 2023 में विधानसभा सीट बरकरार रखी. भाजपा विधायक निवर्तमान मुख्यमंत्री चौहान के मंत्रिमंडल में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यरत थे.

इसके साथ ही 2003 में उमा भारती के मुख्यमंत्री बनने के बाद से भाजपा ने चौथी बार ओबीसी नेताओं पर अपना भरोसा जताया है.
भारती के बाद, मध्य प्रदेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो और ओबीसी मुख्यमंत्री- बाबूलाल गौर और चौहान को देखा.
भाजपा ने 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में 230 में से 163 सीट जीतकर कांग्रेस (66 सीट) को दूसरे स्थान पर धकेल दिया और मप्र में अपनी सत्ता बरकरार रखी.

चुनाव से पहले, भाजपा ने किसी मुख्यमंत्री चेहरे को पेश नहीं किया था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की व्यापक लोकप्रियता पर भरोसा किया. मोदी ने राज्य में बड़े पैमाने पर प्रचार किया था. यादव चार बार मुख्यमंत्री रहे चौहान (64) का स्थान लेंगे. चौहान ने 2005, 2008, 2013 और 2020 में मुख्यमंत्री का पदभार संभाला.

मोहन यादव भाजपा विधायक दल का नेता चुने गये, शिवराज ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को यहां हुई एक बैठक में मोहन यादव को राज्य विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल मंगूभाई पटेल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद चौहान राजभवन पहुंचे और अपना इस्तीफा दिया. राज्य में भाजपा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि भाजपा ने ओबीसी नेता और तीन बार के विधायक मोहन यादव (58) को मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना है. चौहान चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

मुख्यमंत्री का फैसला करने से पहले भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने विधायकों से की बातचीत
भाजपा के तीन केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक से पहले मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री का फैसला करने के लिए सोमवार को भोपाल पहुंचकर पार्टी विधायकों और कोर समिति के सदस्यों से बातचीत की. बैठक शाम चार बजे शुरू हुई. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के प्रमुख के लक्ष्मण और सचिव आशा लाकड़ा सहित केंद्रीय पर्यवेक्षक सुबह करीब साढ.े 11 बजे विशेष विमान से भोपाल पहुंचे.

सूत्रों ने बताया कि राज्य भाजपा मुख्यालय में कोर कमेटी की बैठक हुई, जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय मौजूद थे. कोर कमेटी की बैठक के बाद तस्वीरें खींची गईं. इस बीच, चौहान, तोमर, पटेल और विजयवर्गीय के समर्थक पार्टी मुख्यालय के बाहर जमा हो गए और अपने-अपने नेताओं के पक्ष में नारे लगाए गए.

इससे पहले दिन में, खट्टर, के लक्ष्मण और लाकड़ा एक विशेष विमान से भोपाल हवाई अड्डे पर उतरे जहां उनका स्वागत मध्य प्रदेश भाजपा प्रमुख वीडी शर्मा और अन्य नेताओं ने किया. हवाई अड्डे से तीनों पर्यवेक्षक मुख्यमंत्री चौहान से मिलने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुए.

  • भाजपा के जगदीश देवड़ा होंगे मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री: निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान.
  • भाजपा नेता नरेंद्र सिंह तोमर होंगे मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष: निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान.

मोहन यादव: हिंदुत्व समर्थक और मंदिरों के शहर उज्जैन से भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेता
मध्यप्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव भारतीय जनता पार्टी के एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं जिन्हें हिंदुत्व का मुखर समर्थक माना जाता है. मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने हिंदू महाकाव्य ‘रामचरितमानस’ को 2021 में कॉलेजों में वैकल्पिक विषय बनाने की घोषणा की थी.

तीन बार के भाजपा विधायक मोहन यादव ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत तब की जब वह एक छात्र थे. वह शिवराज सिंह चौहान की सरकार में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री बने. लेकिन यादव को सोमवार शाम को भोपाल में पार्टी के विधायकों की बैठक में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया, जिससे उनके लिए मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने का मार्ग प्रशस्त हो गया.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीबी माने जाने वाले 58 वर्षीय मोहन यादव को एक मुखर हिंदुत्व समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है. वह उज्जैन दक्षिण से तीन बार विधायक हैं और एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं. मध्य प्रदेश में ओबीसी की संख्या राज्य की कुल आबादी के 48 प्रतिशत से अधिक है.

वह पहली बार 2020 में मंत्री बने जब कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पतन के बाद भाजपा सत्ता में वापस आई.
यादव का जन्म 25 मार्च, 1965 को उज्जैन में हुआ था. उज्जैन में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर है. उन्होंने 1982 में माधव साइंस कॉलेज उज्जैन के संयुक्त सचिव के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और 1984 में इसके अध्यक्ष के रूप में चुने गए.

यादव ने एलएलबी और एमबीए की डिग्री के अलावा डॉक्टरेट (पीएचडी) की डिग्री भी हासिल की. हिंदूवादी संगठन के एक पदाधिकारी ने कहा, यादव युवा अवस्था से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे और 1993 से 1995 तक वह उज्जैन शहर में इसके पदाधिकारी थे.

वर्ष 2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण से विधायक चुने गए यादव ने 2011-13 तक मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटीडीसी) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. वह 2018 और फिर 2023 में इस सीट से दोबारा चुने गए. शिवराज सिंह चौहान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री यादव ने 17 नवंबर को हुए चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार चेतन यादव को 12,941 वोटों के अंतर से हराया.

वर्ष 2021 में, यादव ने स्नातक (बीए) के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए दर्शन विषय के तहत हिंदू महाकाव्य ‘रामचरितमानस’ के पाठ को एक वैकल्पिक (वैकल्पिक) पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने की घोषणा की थी. उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति पद के हिंदी नामकरण का नाम ‘कुलपति’ से ‘कुलगुरु’ करने का प्रस्ताव भी रखा था.

यादव मंदिरों के शहर उज्जैन से मुख्यमंत्री बनने वाले पहले नेता हैं. उनके उत्साही समर्थकों ने कहा कि भगवान महाकाल (भगवान शिव) के आशीर्वाद के कारण यादव को शीर्ष पद मिला. यादव ने 2004-2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया. यह धार्मिक शहर हर 12 साल में सिंहस्थ (कुंभ) मेले का आयोजन करता है.

यादव की पत्नी का नाम सीमा यादव है और उनके दो बेटे और एक बेटी है. भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद यादव ने कहा कि वह राज्य के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करेंगे और एक “छोटे कार्यकर्ता” पर विश्वास जताने के लिए पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद दिया.

उन्होंने कहा, ”मैं भाजपा को भारी बहुमत से जिताने वाले राज्य के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करूंगा. भाजपा ने एक छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी दी है. मैं पार्टी की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करूंगा.” उन्होंने कहा, ”मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को धन्यवाद देता हूं. मैं मोदी जी और (निवर्तमान) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई कल्याण और विकास (योजनाओं) पर काम करूंगा.”

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