नीट-यूजी देकर लौटी अभ्यर्थी का शव नर्मदा तट पर मिला, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

खरगोन: मध्यप्रदेश के खरगोन में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्रातक (यूजी) की पुनर्परिक्षा देकर लौट रही इंदौर की 21 वर्षीय अभ्यर्थी का शव नर्मदा नदी के तट पर मिला। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि छात्रा के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा देने के बाद घर लौट रही छात्रा निक्की यादव रविवार को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी और उसका शव सोमवार को खरगोन जिले के बड़वाह स्थित करही थानाक्षेत्र में नर्मदा नदी के तट पर बरामद किया गया।

उन्होंने बताया कि इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र स्थित तलावली चांदा निवासी निक्की यादव रविवार को अपने छोटे भाई के साथ परीक्षा देने गई थी। अधिकारी ने बताया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद उसने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से अपनी मां को सूचना दी थी कि उसका मोबाइल फोन बंद हो गया है और वह जल्द घर पहुंच जाएगी।

इसके बाद उसका परिवार से संपर्क नहीं हो पाया। अधिकारी ने बताया कि देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और सोमवार सुबह भंवरकुआं थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। सोमवार दोपहर करही थाना क्षेत्र के ग्राम पीटांबली के समीप नर्मदा तट पर एक अज्ञात युवती का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली।

पुलिस ने बताया कि शव को महेश्वर अस्पताल के शवगृह में रखवाकर आसपास के थानों को सूचना भेजी गई और इसके बाद देर रात इंदौर से पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और तस्वीरों के आधार पर शव की पहचान निक्की यादव के रूप में की। पुल­सि के अनुसार, मंगलवार सुबह तीन चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया।

पोस्टमार्टम टीम में शामिल चिकित्सकों ने बताया कि मृतका के शरीर पर किसी प्रकार की गंभीर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया डूबने से मौत होने की आशंका प्रतीत होती है हालांकि, बायोकैमिकल और अन्य परीक्षणों के लिए नमूने सुरक्षित रखकर जांच की जा रही है।

चिकित्सकों ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकुतला रूहल ने बताया कि पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। उन्होंने बताया, ”छात्रा के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और परीक्षा के बाद उसकी आवाजाही से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह इंदौर से खरगोन कैसे पहुंची और इस दौरान किन लोगों के संपर्क में रही।”

मृतका के पिता रामानंद यादव ने कहा कि निक्की डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और यह उसका तीसरा प्रयास था। उन्होंने कहा कि परिवार को उसकी सफलता की पूरी उम्मीद थी। यादव ने कहा कि निक्की मानसिक रूप से मजबूत और पढ़ाई में मेधावी छात्रा थी, इसलिए उसके आत्महत्या जैसा कदम उठाने की संभावना कम है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।

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