Gujarat Rain: गुजरात में बाढ़ से बेकाबू हुए हालात, अब तक 61 की मौत; पीएम मोदी ने केंद्र से भेजी टीमें

गुजरात में भारी बारिश और कई जिलों में बाढ़ से बिगड़ते हालातों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की। गुजरात सीएम कार्यालय द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य में भारी बारिश से पैदा हुई गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री पटेल ने पीएम मोदी को पिछले 48 घंटों में राज्य की स्थिति के बारे में बारे में पूरी जानकारी दी। सीएम कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ सहित सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।

वहीं अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण और मध्य गुजरात के जिलों में बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। इसके चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है। इन क्षेत्रों से करीब 1,500 लोगों को निकाला गया है। वहीं मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात के डांग, नवसारी और वलसाड जिलों में अगले पांच दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो छोटा उदयपुर में बोडेली तालुका में रविवार को शाम 6 बजे तक सिर्फ 12 घंटों में 433 मिमी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई।

48 घंटों में भयावह हुए हालात
गुजरात में पिछले 48 घंटो से हो रही बारिश से हालात भयावह होते जा रहे हैं। छोटा उदयपुर और नर्मदा जिले में नदियां उफान पर हैं। गुजरात के नवसारी और वलसाड जिले में 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, छोटा उदयपुर जिले में लगातार भारी बारिश से पुल का एक हिस्सा गिर गया। जबकि गुजरात के तापी जिले के पांचोल और कुम्भिया गांवों को जोड़ने वाला पुल बारिश की धार में बह गया। वहीं दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में नदियां खतरनाक स्तर को पार कर चुकी हैं इस कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है।

अब तक 61 की मौत
गुजरात में बारिश और बाढ़ के कारण इस साल अब तक 61 मौतें हो चुकी हैं। यहां के अहमदाबाद में बारिश से बुरा हाल है। हर जगह पानी ही पानी भर गया है। इस कारण स्कूलों को भी बंद किया गया है। एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की 16 टीमों को लगाया गया है। वहीं बारिश के कारण दक्षिण और मध्य गुजरात के 388 रास्ते बंद हो चुके हैं।

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