
रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जम्मू-कश्मीर में लक्षित हत्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि भाजपा और आरएसएस इन घटनाओं पर चुप क्यों हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर पर अपनी रणनीति में विफल रही है. मुख्यमंत्री बघेल अपने जनसंपर्क अभियान ‘भेंट मुलाकात’ के तहत शुक्रवार को बस्तर क्षेत्र का दौरा करने से पहले पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे.
कश्मीर में बृहस्पतिवार को एक बैंक कर्मचारी की हत्या सहित हाल के दिनों में लक्षित हत्याओं की हुई घटनाओं को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में बघेल ने कहा, ”वे (भाजपा) तो कह रहे थे कि धारा 370 हटा देने से सब ठीक हो जाएगा. सब कुछ हट गया फिर अब स्थिति सामान्य क्यों नहीं है?” बघेल ने कहा, ” इनको कश्मीर फाइल्स (हिंदी फिल्म) देखने की फुर्सत थी और आज जब हिंदू मारे जा रहे हैं तब भाजपा और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के लोग मौन क्यों हैं? महत्वपूर्ण बात यह है कि इनकी जो रणनीति है (जम्मू कश्मीर पर) पूरी तरीके से असफल हुई है. इनकी सोच सही नहीं थी.”
मुख्यमंत्री ने कहा, ”यह अनुच्छेद 370 का ढिंढोरा बहुत पीट रहे थे. अनुच्छेद 370 भी हट गया… आज कश्मीरी पंडित मारे जा रहे हैं, हिंदू मारे जा रहे हैं तब इसके लिए जिम्मेदार कौन है. इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.” बघेल ने कहा, ”कल जम्मू में हिंदू कर्मचारियों अधिकारियों ने रैली निकाली थी. वे वहां (कश्मीर) जाना नहीं चाहते. इसके बारे में सरकार क्या कह रही है. भारत सरकार को बताना चाहिए, उप राज्यपाल को बताना चाहिए कि वहां पर लोगों को सुरक्षा क्यों नहीं दे पा रहे हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ जब आप अधिकारी-कर्मचारी को सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं तब आम जनता को कैसे सुरक्षित रखेंगे. वहां हिंदू मारे जा रहे हैं, कश्मीरी पंडित मारे जा रहे हैं, इसका जिम्मेदार कौन है.’’ राज्यसभा चुनाव में संभावित खरीद-फरोख्त को देखते हुए हरियाणा से कांग्रेस के विधायकों के यहां आने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”सब कुछ ठीक है और वे प्रशिक्षण ले रहे हैं तथा बैठक कर रहे हैं.”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान भाजपा पर खरीद-फरोख्त करने का भी आरोप लगाया और कहा, ”भारतीय जनता पार्टी खरीद-फरोख्त तो करती ही है. जिन राज्यों में होता है वहां के नेताओं को छल-बल के साथ अपनी पार्टी में लाते हैं. चाहे यह मध्यप्रदेश हो, दक्षिण के राज्य हो, पश्चिम बंगाल हो या आसाम हो. अभी गुजरात में आप देख रहे हैं कि क्या चल रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इनकी (भाषा) कार्यशैली ही यही है. जो चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं उनका सम्मान यह नहीं करते हैं. बहुमत ना होते हुए भी प्रत्याशी खड़ा करना, इसका मतलब यही है कि वह खरीद-फरोख्त करना चाहते हैं.”
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में 10 जून को क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच हरियाणा के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने विधायकों को अपनी पार्टी शासित छत्तीसगढ़ भेज दिया है. बृहस्पतिवार की शाम कांग्रेस के करीब 27 विधायक रायपुर पहुंचे. नया रायपुर के एक रिसोर्ट में विधायकों के रहने की व्यवस्था की गई है. कांग्रेस ने हरियाणा से राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ नेता अजय माकन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.



