
इंदौर. इंदौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के परिसर की करीब 150 साल पुरानी इमारत में कथित रूप से ”हैलोवीन पार्टी” के आयोजन पर भड़के चिकित्सक समुदाय ने मंगलवार को गंगा जल छिड़क कर इस परिसर का शुद्धिकरण किया.
इस घटना को लेकर बवाल मचने के बाद महाविद्यालय प्रबंधन ने दावा किया है कि उसने ऐतिहासिक इमारत में कथित ”हैलोवीन पार्टी” की कोई अनुमति नहीं दी थी.
चश्मदीदों ने बताया कि ब्रितानी राज में वर्ष 1878 में शुरू किए गए ”किंग एडवर्ड मेडिकल स्कूल” की इमारत में मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अन्य चिकित्सकों ने गंगा जल छिड़का. एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल रोकड़े ने ”पीटीआई-भाषा” को बताया, ”हमें पता चला है कि इस ऐतिहासिक इमारत में हाल ही में हैलोवीन पार्टी आयोजित की गई थी. हमने गंगा जल छिड़क कर इस इमारत का शुद्धिकरण किया है.” उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय के प्रबंधन से मांग की कि ”हैलोवीन पार्टी” के नाम पर इस ऐतिहासिक इमारत को बदरंग करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए.
महाविद्यालय के डीन (अधिष्ठाता) डॉ. संजय दीक्षित ने कहा, ”हमने जैन सोशल ग्रुप नाम के स्थानीय संगठन के प्रतिनिधियों को किंग एडवर्ड मेडिकल स्कूल का भवन अंदर से देखने भर की अनुमति दी थी. हमने उन्हें हैलोवीन पार्टी की अनुमति नहीं दी थी.” दीक्षित ने दावा किया कि इस ऐतिहासिक इमारत में कोई हैलोवीन पार्टी आयोजित नहीं की गई. उन्होंने कहा, ”हम मामले की जांच करके वस्तुस्थिति पता लगाएंगे.” बहरहाल,”किंग एडवर्ड मेडिकल स्कूल” की जीर्ण-शीर्ण हो चुकी यह इमारत अलग ही कहानी बयां कर रही हैं. चश्मदीदों ने बताया कि इमारत की दीवारों पर ”ओ स्त्री, कल आना” (हिन्दी की एक डरावनी-मजाकिया फिल्म से प्रेरित पंक्तियां) के साथ ही अंग्रेजी में कई डरावने वाक्य लिखे दिखाई देते हैं. उन्होंने बताया कि इमारत की दीवारों पर अश्लील चित्र और आपत्तिजनक पंक्तियां भी उकेरी गई हैं.
शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. सुमित शुक्ला ने बताया, “सोशल मीडिया पर आईं तस्वीरों से हमें पता चला कि इस इमारत को हैलोवीन पार्टी के लिए भूतिया भवन के रूप में चित्रित किया गया था. हम ऐसी हरकत बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर सकते क्योंकि यह इमारत चिकित्सा क्षेत्र की धरोहर है और गुजरे दौर में कई बड़े चिकित्सकों ने इसमें पढ़ाई की थी.” शुक्ला, शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि इस इमारत का जीर्णोद्धार करके इसमें इंदौर के चिकित्सा जगत के समृद्ध इतिहास से जुड़ी चीजें संजोई जाएं.”



