हरियाणा के नतीजे विकास के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, महायुति बड़ी जीत दर्ज करेगी: शिंदे

मुंबई. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है जो आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में, राज्य में सत्तारूढ़ महायुति को प्रचंड बहुमत दिलाएगी. शिंदे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ”लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों ने वोट हासिल करने के लिए झूठे विमर्श, जातिवाद की राजनीति और झूठे वादों का सहारा लिया, लेकिन बुलबुला फूट गया.”

शिंदे ने कहा, ”अगर आप कांग्रेस द्वारा 50-60 वर्षों में (जब वह सत्ता में थी) किए गए कार्यों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिछले 10 साल के काम की तुलना करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी.” शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की घटक है, जिसमें भाजपा और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में ‘डबल इंजन’ की सरकार थी और वहां के लोग समझते थे कि विकास का मतलब क्या है. ” यही कारण है कि उन्होंने भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में पहुंचाया.” महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए नवंबर में चुनाव होने हैं. शिंदे ने कहा कि मौजूदा महाराष्ट्र सरकार विकास पर समान रूप से ध्यान केंद्रित कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब महा विकास आघाडी (एमवीए) सत्ता में थी, तो उन्होंने अटल सेतु, समृद्धि राजमार्ग, तटीय सड़क, मेट्रो तीन और आरे कार शेड जैसी प्रमुख परियोजनाओं पर विराम लगा दिया था. जबकि हमने इन परियोजनाओं पर से सभी बाधाओं को दूर कर दिया है.” वर्ष 2022 में शिंदे द्वारा तत्कालीन शिवसेना में विद्रोह का नेतृत्व करने, पार्टी को विभाजित करने और मुख्यमंत्री बनने के लिए भाजपा के पाले में जाने के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार गिर गई. शिंदे गुट को बाद में पार्टी का नाम और उसका चुनाव चिह्न धनुष-बाण मिला.

महा विकास आघाड़ी गठबंधन में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं.
शिंदे ने कहा कि कांग्रेस वादे करती है पर बाद में अपनी बात से मुकर जाती है. उन्होंने कहा, ”कांग्रेस लोगों को फंसाती है, उन्हें धोखा देती है और फर्जी विमर्श गढ़ती है. इसीलिए वह हरियाणा में हार गई. इसके विपरीत भाजपा, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विकास के एजेंडे पर ध्यान केंद्रित किया.”

सत्ता विरोधी लहर को दरकिनार करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा ने हरियाणा में जीत की ‘हैट्रिक’ लगाकर सत्ता बरकरार रखी और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की वापसी की कोशिशों पर विराम लगा दिया. हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए. हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए. भाजपा ने 48 सीट जीतकर अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की. भाजपा को मिली सीटों की संख्या कांग्रेस की संख्या से 11 अधिक है.

शिंदे ने कहा कि कांग्रेस, एमवीए और ‘इंडी गठबंधन’ ने लोकसभा चुनावों में फर्जी विमर्श गढ़कर, झूठे वादे करके और जातिवाद का जहर फैलाकर वोट हासिल किए. उन्होंने दावा किया कि इसीलिए लोगों ने उन्हें खारिज करने का मन बना लिया. शिंदे ने पिछले दो वर्षों में अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को उजागर करने के लिए ‘लाडकी बहिन योजना’, ‘युवा कार्य प्रशिक्षण योजना’ और ‘किसान बिजली बिल माफी योजना’ सहित विभिन्न योजनाओं को गिनाया.

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