
नयी दिल्ली/चंडीगढ़. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों को अप्रत्याशित करार देते हुए मंगलवार को कहा कि कार्यकर्ताओं को निराश होने की ज.रूरत नहीं है, क्योंकि तानाशाही से लड़ाई लंबी है. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जनविरोधी नीतियों, जनता के अधिकारों का हनन और उत्पीड़न तथा संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के ख.लिाफ. जनमत दिया है.
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”हरियाणा का परिणाम अप्रत्याशित है. पार्टी इस जनमत का आकलन कर रही है. हमारे ज.मीनी कार्यकर्ताओं से बात कर, पूरी जानकारी हासिल करने और तथ्यों को जांच लेने के बाद पार्टी की तरफ. से विस्तृत प्रतिक्रिया आएगी.” उन्होंने कहा, ”हम हरियाणा के लोगों का कांग्रेस पार्टी को वोट देने के लिए आभार व्यक्त करते हैं. हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं को निराश होने की ज.रूरत नहीं है. तानाशाही से हमारी लड़ाई लंबी है.”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”जम्मू और कश्मीर के लोगों को कांग्रेस पार्टी और नेशनल कॉन्फ़्रेन्स गठबंधन को सेवा का मौक.ा देने के लिए हृदय से धन्यवाद. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला जी और उपाध्यक्ष एवं गठबंधन सरकार के मुखिया, उमर अब्दुल्ला जी को शानदार जीत की बधाई.” उन्होंने कहा कि यह जनमत जम्मू और कश्मीर के लोगों ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों, जनता के अधिकारों का हनन और उत्पीड़न तथा संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के ख.लिाफ. दिया है. खरगे का कहना था, ”हमारी गठबंधन सरकार आपकी आकांक्षाओं पर पूरी तरह से खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेगी. आपकी ख.ुशहाली और संवैधानिक हकों की रक्षा के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन पूरी तरह संकल्पित है.”
हरियाणा में जो माहौल था, चुनाव परिणाम उसके विपरीत हैं: हुड्डा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा में नतीजे राज्य के माहौल के विपरीत हैं. हुड्डा ने यह भी कहा कि नतीजे पार्टी के लिए आश्चर्यजनक हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 48 सीट पर विजयी हुई है, जबकि कांग्रेस ने 36 सीट जीतीं हैं और एक सीट पर आगे है.
भाजपा सत्ता विरोधी लहर को दरकिनार करते हुए और लोकसभा चुनाव में मिले झटके से उबरते हुए लगातार तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने के लिए तैयार है. 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को राज्य में पांच सीट मिली थीं जो 2019 में मिली 10 सीट से आधी थीं.
हुड्डा ने नतीजों पर एक सवाल का जवाब देते हुए संवाददाताओं से कहा, ”नतीजों ने हमें अचंभित कर दिया है और भाजपा भी अचंभित होगी. ये नतीजे राज्य में जो माहौल था, उसके विपरीत हैं.” उन्होंने कहा, ”इसमें तंत्र की क्या भूमिका है, हम इसकी जांच करेंगे. हमने कई सीट कम अंतर से हारी हैं.” हुड्डा ने कहा, ”हमें कई जगहों से शिकायतें भी मिलीं. जिस तरह से देरी हुई. बहरहाल, कांग्रेस निर्वाचन आयोग से मुलाकात करेगी. इसमें कोई संदेह नहीं है कि ये (परिणाम) ‘आश्चर्यचकित’ हैं.”
इससे पहले दिन में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर हरियाणा के चुनाव नतीजे अद्यतन करने में “विलंब” को लेकर मंगलवार को आयोग का रुख किया और कहा कि अधिकारियों को सही आंकड़ों के साथ वेबसाइट अपडेट करने के लिए तत्काल निर्देश जारी किए जाएं ताकि झूठी खबरों और दुर्भावनापूर्ण विमर्श का मुकाबला किया जा सके.
कांग्रेस पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी की बात को खारिज करते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में एकजुट थी. उन्होंने कहा, ”एक लोकतांत्रिक पार्टी में किसी के भी बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं हो सकता.” कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा द्वारा पार्टी में उचित समन्वय को दोषी ठहराए जाने पर हुड्डा ने सवाल किया कि उचित समन्वय का काम किसका है. उन्होंने कहा कि यह सभी का काम है.
कांग्रेस द्वारा ईवीएम से संबंधित मुद्दे उठाए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ”कुछ रहा होगा. हमें उम्मीदवारों से शिकायतें मिली हैं.” गैर-जाट वोटों के भाजपा के पक्ष में एकजुट होने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है.
हुड्डा से जब उनके अगले कदम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में “लोगों का जो भी फैसला होगा, हम उसे स्वीकार करेंगे.” कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा नतीजों पर संदेह जताए जाने पर हुड्डा ने कहा, ”हम विरोध जताते हुए इसे स्वीकार करेंगे.” हार के पीछे के कारणों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह से बदलाव के पक्ष में थी. उन्होंने कहा, ”इसलिए मैं कह रहा हूं कि ये (परिणाम) आश्चर्यजनक हैं.”



