
मुंबई. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चलाने वाले अन्ना हजारे को चुनावी बॉण्ड से जुड़े कथित घोटाले सहित देशभर के घोटालों को उजागर करना चाहिए. राउत उन खबरों का हवाला दे रहे थे, जिनमें कहा गया है कि हजारे महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (एमएससीबी) से संबंधित कथित घोटाले की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ को चुनौती देंगे. मामले के आरोपियों में उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल हैं. ‘क्लोजर रिपोर्ट’, के जरिये पुलिस या जांच एजेंसी मामला बंद करने का अदालत से अनुरोध करती है.
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि हजारे को महाराष्ट्र और देश में हुए घोटालों के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन करना चाहिए. भ्रष्टाचार के खिलाफ हजारे का आंदोलन, 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार और आम आदमी पार्टी (आप) के उभरने के कारणों में एक था. अप्रैल में, मुंबई पुलिस ने 25,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में एक ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दाखिल करते हुए कहा था कि चीनी मिल और अन्य कंपनियों को ऋण दिये जाने के चलते बैंक को अनुचित नुकसान नहीं हुआ.
‘क्लोजर रिपोर्ट’ को चुनौती देने की हजारे की संभावित योजना के बारे में राउत ने कहा, ”मुझे खुशी है कि अन्ना हजारे फिर से सक्रिय हो गए हैं. मैं इसके लिए उन्हें बधाई देता हूं. लेकिन महाराष्ट्र ने केवल ‘शिखर’ (एमएससीबी) बैंक घोटाला नहीं देखा है. राज्य और देश ने कई घोटाले देखे हैं.” राउत ने कहा कि हजारे को कथित 10,000 करोड़ रुपये के चुनावी बॉण्ड घोटाले को भी उजागर करना चाहिए. उन्होंने दावा किया, ”महाराष्ट्र और पूरे देश में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा उगाही की जा रही है और यह भाजपा के खजाने में जा रहा है.”
राज्यसभा सदस्य ने हजारे से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री पवार नीत खेमों के विधायकों के भाजपा नीत ‘महायुति’ गठबंधन में शामिल होने के बाद, उनसे जुड़े मामलों में ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दाखिल किये जाने का विरोध करने का आग्रह किया.
विपक्षी दलों ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर उसके विरोध में बोलने वालों के खिलाफ संघीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.



