हेमंत सोरेन ने ‘सामंती ताकतों’ को खदेड़ने के लिए ‘विद्रोह’ की घोषणा की

भोगनाडीह. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने “सामंती ताकतों” के खिलाफ “विद्रोह” की रविवार को घोषणा की और कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पूरे देश से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर कर देगा. सोरेन ने यहां ‘हूल दिवस’ के मौके पर एक रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि जेल से उनकी रिहाई के बाद भाजपा ”घबरा गयी” है और उसके नेता फिर से उनके खिलाफ ”साजिश” रच रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”अपनी रिहाई के बाद मैं पहली बार ‘हूल दिवस’ पर आपको संबोधित करने के लिए अपने घर से बाहर निकला हूं. यह हम सभी के लिए प्रेरणा का दिन है. अंग्रेजों के खिलाफ संथाल विद्रोह की तरह हम झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश से सामंती ताकतों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए ‘हूल विद्रोह’ का ऐलान करते हैं.” सोरेन ने कहा, ”मुझे झूठे मामलों में फंसाया गया… केंद्र सरकार अपने खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित करने के लिए अपनी जांच एजेंसियों को लगा देती है. मुझे जेल से बाहर आए अभी दो दिन ही हुए हैं, लेकिन भाजपा घबराई हुई है. पार्टी के शीर्ष नेता झारखंड में बार-बार आ रहे हैं और मेरे खिलाफ फिर से साजिश रच रहे हैं.” उन्होंने कहा कि झारखंड को क्रांतिकारियों की भूमि के रूप में जाना जाता है और ह्लहम जेल, लाठी या फांसी से नहीं डरतेह्व.

सोरेन ने कहा, ”मेरी जानकारी में आया है कि वे (भाजपा) झारखंड में विधानसभा चुनाव निर्धारित समय से पहले कराने की योजना बना रहे हैं… मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे जिस दिन चाहें चुनाव कराएं… हम इसके लिए तैयार हैं. उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ेगा.” उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने कोयला संसाधनों के बदले केंद्र से 1.36 लाख करोड़ रुपये समेत आदिवासियों के अधिकारों की मांग शुरू की तो उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया गया. उन्होंने कहा, ”लेकिन, मैंने जो काम शुरू किया है और जो लड़ाई मैंने छेड़ी है, वह नहीं रुकेगी.”

उन्होंने कहा कि एक कानून लाया जायेगा, जिसके जरिये यह सुनिश्चित किया जायेगा कि खदानों और खनिजों का लाभ सबसे पहले झारखंड के लोगों तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधन ”अन्य स्थानों को समृद्ध बना रहे हैं, जबकि यहां के निवासी गरीबी और पिछड़ेपन में रहने को मजबूर हैं.” सोरेन ने केंद्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं और परीक्षा के प्रश्नपत्र आए दिन लीक हो रहे हैं.

झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा धनशोधन मामले में जमानत दिए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री को शुक्रवार को बिरसा मुंडा जेल से रिहा कर दिया गया था. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था. इस मौके पर मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने आरोप लगाया कि उनके पूर्ववर्ती (हेमंत सोरेन) को इसलिए जेल में डाल दिया गया क्योंकि वह गरीबों, दलितों और आदिवासियों के कल्याण की बात करते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा, ” झारखंड को लूटने वालों द्वारा लगाये गये झूठे आरोपों को लेकर उन्हें (हेमंत सोरेन को) जेल भेज दिया गया.” चंपई सोरेन ने लगभग 290 करोड़ रुपये की 396 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया. हेमंत सोरेन की पत्नी एवं झामुमो विधायक कल्पना सोरेन और भाई बसंत सोरेन भी रैली में मौजूद थे. बसंत सोरेन मंत्री भी हैं.

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