प्रतिबंधित होने के बावजूद ‘पबजी गेम’ भारत में अब भी कैसे है उपलब्ध

नयी दिल्ली. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा कि भारत में प्रतिबंधित होने के बावजूद ‘पबजी गेम’ नाबालिगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने के लिए कैसे उपलब्ध है? हाल में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आॅनलाइन गेम खेलने से रोकने से गुस्साए 16 वर्षीय लड़के ने कथित तौर पर अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद आयोग ने यह स्पष्टीकरण मांगा है.

वर्ष 2020 में सरकार ने लोकप्रिय ऐप पबजी और अन्य को राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए प्रतिबंधित कर दिया था. एनसीपीसीआर ने मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर कहा, ‘‘इस घटना के मद्देनजर, यह आयोग की समझ से परे है कि कैसे एक प्रतिबंधित खेल … जिसे सरकार द्वारा ब्लॉक कर दिया गया है, अभी भी नाबालिगों के उपयोग के लिए उपलब्ध है. इसलिए, आयोग आपके कार्यालय से ऐसे प्रतिबंधित ऐप की इंटरनेट पर उपलब्धता के कारणों को सूचित करने का अनुरोध करता है.’’

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