
हैदराबाद. हैदराबाद में मिलावटी ताड़ी पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है वहीं 44 अन्य अस्पताल में भर्ती हैं. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी दामोदर राजनरसिम्हा ने सरकारी निजाम आयुर्वज्ञिान संस्थान (एनआईएमएस) का दौरा किया और चिकित्सकों से प्रभावितों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली. उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी प्रभावितों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए.
मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि 31 लोगों का निम्स में, छह का सरकारी अस्पताल में तथा सात अन्य का विभिन्न निजी अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है. मंत्री ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और उनमें से चार का डायलिसिस किया जा रहा है. मरीजों को चार से पांच दिनों में छुट्टी मिलने की संभावना है. राजनरसिम्हा ने कहा कि सरकार इस घटना की गहन जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साइबराबाद के एक पुलिस अधिकारी के अनुसार संदिग्ध मौत के चार मामले दर्ज किए गए हैं. अधिकारी ने कहा कि कथित तौर पर ताड़ी पीने के बाद वे बीमार पड़ गए थे.
उन्होंने कहा, ” जब तक हमें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिल जाती, हम निर्णायक रूप से कुछ नहीं कह सकते. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है. विसरा ‘फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी’ (एफएसएल) भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में हम कुछ बता सकते हैं और फिर धाराओं में बदलाव किया जाएगा.” इस बीच, तेलंगाना मानवाधिकार आयोग (टीजीएचआरसी) ने बृहस्पतिवार को राजस्व (निषेध एवं उत्पाद शुल्क) विभाग के प्रधान सचिव को 20 अगस्त तक घटना पर एक व्यापक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि आयोग ने मामला दर्ज करने के बाद घटना के संबंध में दर्ज एक ऑनलाइन शिकायत पर कार्रवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया. अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों ने छह जुलाई और आठ जुलाई को कुकटपल्ली, बालानगर और शहर के अन्य इलाकों में विभिन्न दुकानों में ताड़ी पी थी और मंगलवार को उन्हें तबीयत खराब होने के बाद विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस घटना के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि जिन दुकानों में लोगों ने ताड़ी का सेवन किया था, उन्हें सील कर दिया गया है और वहां से नमूने एकत्र कर रासायनिक विश्लेषण के लिए भेज दिए गए हैं.



