
चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने उद्योगपति गौतम अदाणी से कभी मुलाकात नहीं की और जानना चाहा कि क्या भाजपा और उसकी सहयोगी पीएमके अदाणी मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराये जाने के लिए तैयार हैं. विधानसभा में पीएमके नेता जी.के. मणि द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए स्टालिन ने कहा कि उनका उस उद्योगपति से कोई संबंध नहीं है, जिनके बारे में पीएमके और भाजपा यह ‘दुष्प्रचार’ अभियान चला रही कि मुख्यमंत्री का उनसे संबंध है.
स्टालिन ने मणि की ओर इशारा करते हुए पूछा, ”बिजली मंत्री सेंथिल बालाजी पहले ही विस्तृत तरीके से बता चुके हैं. मेरा और अदाणी का कोई संबंध नहीं है. क्या आप इस मुद्दे पर जेपीसी जांच के लिए तैयार हैं?” कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल रिश्वतखोरी के आरोपों में अदाणी और उनकी कंपनी के अन्य अधिकारियों पर अमेरिकी अदालत में अभियोग लगाए जाने के बाद जेपीसी जांच की मांग कर रहे हैं.
कार्यवाही शुरू होने पर, विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु ने मणि को यह मुद्दा उठाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया क्योंकि यह मुद्दा पहले से ही संसद में उठाया जा रहा है. हालांकि, पीएमके विधायक ने जोर देकर कहा कि अदाणी पर अभियोग एक गंभीर मुद्दा है और मुख्यमंत्री को खुद अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मणि और उनकी पार्टी के नेता विधानसभा के बाहर भी इस विषय पर बोलते रहे हैं.
स्टालिन ने सदन में पीएमके के नेता से पूछा, ”मुझे उम्मीद थी कि मणि सदन में यह सब कहेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. शायद उन्हें सच्चाई पता चल गई है. मेरा अदाणी से कोई संपर्क नहीं है. वह मुझसे नहीं मिले हैं और न ही मैंने उनसे कभी मुलाकात की है. आपको और क्या स्पष्टीकरण चाहिए?” राज्य में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ”तमिलनाडु में (अदाणी) समूह के निवेश पर अफवाह फैलाकर (राज्य) सरकार की छवि खराब करने की कोशिश करने वालों से मैं पूछना चाहता हूं कि क्या आप जेपीसी जांच के लिए तैयार हैं और क्या आप इस पर संसद में चर्चा करेंगे?” बाद में, पीएमके सदस्यों ने मुख्यमंत्री के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए विधानसभा से बहिर्गमन किया.



