
सोनीपत. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर वह गलती से भी हरियाणा में सत्ता में आ गई तो उसकी अंदरूनी कलह के कारण स्थिरता और विकास दांव पर लग जाएगा और यह राज्य को बर्बाद कर देगा. जिले में पांच अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए गोहाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोला और आरोप लगाया कि आरक्षण का विरोध और उसके प्रति नफरत उसके ‘डीएनए’ में है. मुख्य विपक्षी पार्टी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारें ‘अस्थिरता’ के लिए जानी जाती हैं.
मोदी ने कांग्रेस शासित कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा, ”पिछले कुछ सालों में जहां-जहां कांग्रेस की सरकारें बनीं, मुख्यमंत्री और मंत्री अंदरूनी कलह में शामिल रहे. उन्हें लोगों के दर्द और समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है.” उन्होंने कहा, ”कर्नाटक में उसके मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अंदरूनी लड़ाई में व्यस्त हैं. तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में भी यही कहानी है.” हरियाणा विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राज्य में मोदी की यह दूसरी रैली थी. पहली रैली एक हफ्ते पहले कुरुक्षेत्र में हुई थी. मोदी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान उसकी अंदरूनी कलह का भी जिक्र किया.
उन्होंने कहा, ”इसलिए हरियाणा को सतर्क रहना होगा. हरियाणा का मुझ पर अधिकार है. याद रखिए, अगर कांग्रेस गलती से भी सत्ता में आ गई तो वह अपनी अंदरूनी कलह से हरियाणा को बर्बाद कर देगी.” उन्होंने कहा, ”कांग्रेस में जिस तरह से अंदरूनी कलह बढ़ रही है, उसे पूरा हरियाणा देख रहा है.” मोदी ने कहा कि कांग्रेस को वोट देने का मतलब हरियाणा की स्थिरता और विकास को दांव पर लगाना और विनाश के दरवाजे खोलना है.
उन्होंने कहा, ”इस अस्थिरता से हरियाणा में हर काम रुक जाएगा. निवेश और नौकरियां प्रभावित होंगी.” गौरतलब है कि हरियाणा में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और सत्तारूढ़ भाजपा, कांग्रेस की हरियाणा इकाई में कथित अंदरूनी कलह को लेकर उसपर निशाना साध रही है. प्रधानमंत्री ने आरक्षण के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसने हमेशा ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भागीदारी से वंचित रखा.
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस के शाही परिवार से जो भी प्रधानमंत्री बना, उसने हमेशा आरक्षण का विरोध किया है. आरक्षण का विरोध और आरक्षण से नफरत, कांग्रेस के डीएनए में है.” उन्होंने कहा, ”कांग्रेस ने हमेशा ही एससी, एसटी और ओबीसी को भागीदारी से वंचित रखा है. ये तो बाबासाहेब आंबेडकर थे, जिन्होंने दलितों को आरक्षण दिया. वरना ओबीसी की तरह दलितों को भी आरक्षण के लिए कांग्रेस की हार का इंतजार करना पड़ता.” उन्होंने कहा कि जब-जब कांग्रेस सत्ता से दूर रही है, तब-तब गरीबों को और एससी, एसटी और ओबीसी को उनका हक मिला है.
उन्होंने कहा, ”जब-जब कांग्रेस, सरकार में रही है, उसने दलितों-पिछड़ों का हक छीना है.” उन्होंने कहा, ”हरियाणा में आप देख रहे हैं कि भाजपा ने नायब सैनी (जो ओबीसी समुदाय से आते हैं) को मुख्यमंत्री बनाया. कम समय में सैनी ने हरियाणा के लोगों के दिलों में जगह बना ली है.” अपनी अमेरिका यात्रा का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने बड़े नेताओं और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की.
मोदी ने कहा, ”मैंने उन्हें भारतीय युवाओं की प्रतिभा के बारे में बताया.” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में हरियाणा ने उद्योग और कृषि क्षेत्रों में शीर्ष राज्यों में जगह बनाई है. उन्होंने कहा, ”आज दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां भारत में कारखाने लगाने में रुचि रखती हैं.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”जब औद्योगीकरण बढ़ता है तो इसका सबसे बड़ा लाभ गरीबों, किसानों और दलितों को मिलता है.” मोदी ने दावा किया कि हरियाणा में मतदान का दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन बढ़ रहा है जबकि कांग्रेस का समर्थन घट रहा है. उन्होंने हरियाणा में भाजपा की सत्ता में वापसी का भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि आज पूरा हरियाणा ‘फिर एक बार, भाजपा सरकार’ कह रहा है. मोदी ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर मानते थे कि दलितों को सशक्त बनाने में उद्योग बड़ी भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने कहा, ”वह देखा करते थे कि दलित, गरीब, वंचितों के पास पर्याप्त जमीन नहीं है. वह जानते थे कि कई गरीब भूमिहीन हैं और खेतिहर मजदूर के रूप में अपना जीवन बिताते हैं.” उन्होंने कहा कि इसीलिए बाबासाहेब (आंबेडकर) कहा करते थे कि जब कारखाने लगते हैं तो दलितों और वंचितों को मौका मिलता है.
उन्होंने कहा, ”इसीलिए बाबासाहेब दलितों को तकनीकी कौशल सीखने के लिए कहते थे. भाजपा की नीतियों, निर्णयों और विचारों में आप बाबासाहेब की इसी सोच की झलक देखेंगे.” मोदी ने कहा कि उद्योग में दलित और वंचित वर्गों को अवसर देकर ही वास्तविक सशक्तीकरण संभव है. उन्होंने कहा कि देश के सामने एक और चुनौती है, जिसके बारे में केवल भाजपा बात करती है.
उन्होंने कहा, ”हमारे देश में कृषि जोत कम हो रही है. आबादी बढ़ रही है, लेकिन खेत सिकुड़ रहे हैं.” प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि अर्थशा्त्रिरयों का मानना है कि गांवों में खेती के साथ-साथ कमाई के अन्य रास्ते होने चाहिए. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि हर माता-पिता चाहते हैं कि एक बच्चा खेत पर काम करे, जबकि दूसरा कमाने के लिए शहर जाए. उन्होंने कहा कि जब उद्योगों का विस्तार होता है तो किसानों के जीवन में भी सुधार होता है और किसान परिवारों के युवाओं को भी अच्छी नौकरियां और अवसर मिलते हैं.



