इस साल की गर्मियों में, पिछले साल के मुकाबले नक्सली हमलों की संख्या कम रही

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 24 Jul 2022 07:43 PM
इस साल की गर्मियों में, पिछले साल के मुकाबले नक्सली हमलों की संख्या कम रही
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, इस साल गर्मियों का मौसम अपेक्षाकृत रूप से शांत रहा जो कि अकसर सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बन जाता है. मार्च और जून के मध्य, सुरक्षाबलों पर नक्सलियों के हमले हमले बढ़ जाते हैं जिसे अधिकारी ‘टैक्टिकल काउंटर आॅफेंसिव कैम्पेन’ (टीसीओसी) कहते हैं. गर्मी के मौसम में लंबी घास और झाड़ियां सूख जाती हैं जिससे नक्सलियों को जंगल में सुरक्षाबलों की गतिविधियां देखने में आसानी होती है.

कुछ बड़े नक्सली हमले, जैसे कि 2010 में ताड़मेटला में हुई घटना जिसमें सुरक्षाबलों के 76 र्किमयों की मौत हुई थी, गर्मी के मौसम में हुए थे. हालांकि, पुलिस का दावा है कि पिछले तीन साल में सुरक्षाबलों द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित किये गए शिविरों से उन्हें फायदा हुआ है और इस साल के टीसीओसी के बावजूद न्यूनतम नुकसान हुआ है.

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 30 जून तक 131 नक्सली घटनाओं में सुरक्षाबलों के सात कर्मी मारे गए और 43 घायल हो गए.
पिछले साल इस दौरान सुरक्षाबलों के 41 कर्मी मारे गए थे और 103 घायल हो गए थे. वर्ष 2020 की र्गिमयों में 28 र्किमयों की मौत हुई थी और 50 घायल हुए थे जबकि 2019 में 16 की मौत हुई थी और 26 घायल हुए थे. इस साल एक जनवरी से 30 जून के बीच, 14 नक्सली मारे गए जबकि इस दौरान 2021 में 18, 2020 में 20 और 2019 में 28 नक्सलियों को खत्म किया गया.

पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी. ने पीटीआई-भाषा से कहा कि (बस्तर रेंज के सात जिलों में) मीनपा, एलमांगुड़ा, पोटकपल्ली, टर्रेम, कदमत्ता, नाहडी और चंदमेत्ता जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने कम से कम 43 नए ‘आॅपरेशनल बेस’ स्थापित किये हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘इनसे न केवल इलाके में विकास कार्य करने में मदद मिल रही है बल्कि नक्सली गलियारे और आपूर्ति श्रृंखला को बंद करने में भी सहायता मिल रही है.’’ उन्होंने कहा कि इस साल टीसीओसी के दौरान सुरक्षाबलों ने सभी अभियान सावधानीपूर्वक और कुशलता से पूरे किये.

अधिकारी ने कहा, ‘‘इस रणनीति से अहम नतीजे प्राप्त हुए हैं, जैसे कि मुठभेड़ के बाद 14 से ज्यादा नक्सलियों के शव बरामद होना. इसके अलावा जून तक 286 नक्सलियों ने समर्पण किया. सुरक्षाबलों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने में भी हमें सफलता मिली है.’’ उन्होंने कहा कि नए शिविरों में से आठ इस साल गर्मी में स्थापित किये गए. आईजी ने कहा कि सुरक्षाबलों ने इस दौरान 63 आईईडी विस्फोटक और 26 हथियार भी बरामद किये.

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