
नयी दिल्ली. दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को उपग्रह इंटरनेट क्षेत्र में और अधिक खिलाड़ियों की मौजूदगी का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि इस सेवा की विशेष रूप से भारत जैसे विशाल बाजार के ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में जरूरत है. सरकार ने पहले ही अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी और सुनील भारती मित्तल सर्मिथत फर्मों को सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं देने के लिए लाइसेंस दे दिए हैं. सिंधिया ने संकेत दिया कि अगर अन्य खिलाड़ी सुरक्षा और नियामक मानदंडों को पूरा करते हैं, तो और अधिक लाइसेंस दिए जा सकते हैं.
मंत्री का यह बयान एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के लिए सकारात्मक है, जो भारत में परिचालन शुरू करना चाहती है. स्टारलिंक ने पिछले महीने अंबानी की रिलायंस जियो और मित्तल की भारती एयरटेल के साथ समझौते किए हैं. ये दोनों कंपनियां देश के दूरसंचार बाजार के 70 प्रतिशत से अधिक हिस्से को नियंत्रित करती हैं.
सिंधिया ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भारत में हर कंपनी का स्वागत है. उन्होंने स्टारलिंक के लाइसेंस आवेदन पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि इसे प्रारंभिक विनियामक मंजूरी मिल सकती है. इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान मस्क से मुलाकात की थी और पिछले हफ्ते दुनिया के सबसे अमीर आदमी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी. मस्क अपनी इले्ट्रिरक कार टेस्ला भारत में बेचना चाहते हैं, लेकिन वह अधिक आयात शुल्क की बाधाओं का सामना कर रहे हैं.
मस्क ने कहा है कि वह इस साल के अंत में भारत का दौरा करेंगे. इस संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिंधिया ने कहा, ”मुझे लगता है कि उनकी यहां की यात्रा सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) प्रमुख के साथ ही उनके कई व्यावसायिक उद्यमों के नेतृत्वकर्ता के रूप में होगी. मुझे लगता है कि भारत आपसी संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक बाजार में एकीकरण बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन बाजार है.” संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया ने सैटकॉम को भारत के लिए अनिवार्य बताते हुए कहा कि इस प्रौद्योगिकी की मदद से दुर्गम या अछूते क्षेत्रों में संपर्क स्थापित किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, ”दूरसंचार के लिहाज से हम बाजार में सभी खिलाड़ियों का स्वागत करते हैं. मैं ग्राहक केंद्रित हूं. यह मेरा काम है कि मैं अपने ग्राहकों को विकल्प दूं और मैं चाहूंगा कि अधिक से अधिक उपग्रह कंपनियां भारत में काम करें.” उन्होंने कहा कि सैटकॉम के माध्यम से उन ग्राहकों को अंतिम छोर तक जोड़ा जा सका है, जहां तक पारंपरिक नेटवर्क या ऑप्टिकल फाइबर केबल या ब्रॉडबैंड, फिक्स्ड या मोबाइल के माध्यम से नहीं पहुंचा जा सकता है.
वेंस की यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता एक कदम और आगे बढ़ी : सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता एक कदम और आगे बढ़ गई है. गौरतलब है कि भारत, अमेरिका के साथ एक प्रारंभिक समझौता करना चाहता है, जिसकी मदद से देश डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी शुल्क से बच सकता है.
वेंस ने सोमवार को भारत की चार दिवसीय यात्रा शुरू की. अमेरिका ने फिलहाल भारतीय निर्यात पर 26 प्रतिशत जवाबी शुल्क को 90 दिन के लिए रोक दिया है. यह राहत आठ जुलाई को खत्म होगी. सिंधिया ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भारत और अमेरिका के बाजार बेहतरीन हैं और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग न केवल आपसी रूप से लाभकारी है, बल्कि दुनिया के व्यापक हित में भी है.
संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया ने कहा, ”अमेरिका के उपराष्ट्रपति का भारत आना बहुत स्वागतयोग्य और महत्वपूर्ण कदम है. मुझे लगता है कि इससे आपसी संवाद और बेहतर होगा.” मंत्री ने कहा, ”हमारे प्रधानमंत्री ने हाल ही में अमेरिका का दौरा किया, राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की… उन्होंने उपराष्ट्रपति जे डी वेंस से भी मुलाकात की… मुझे लगता है कि इससे हमारी बातचीत आगे बढ़ेगी. इससे व्यापार वार्ता और निवेश के साथ ही रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, नवाचार, एआई और अन्य क्षेत्रों में संबंध मजबूत होंगे.”



