भारत को स्थिरता के महत्वपूर्ण स्तंभ, भरोसेमंद मित्र, वृद्धि के इंजन के रूप में देखा जा रहा है : मोदी

गांधीनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर कई अनिश्चितताओं के बीच भारत उम्मीद की एक ‘नयी किरण’ के रूप में उभरा है और दुनिया इसे स्थिरता के एक महत्वपूर्ण स्तंभ, एक भरोसेमंद दोस्त और वैश्विक अर्थव्यवस्था में वृद्धि के इंजन के रूप में देखती है. उन्होंने यह भी कहा कि तेजी से बदलती विश्व व्यवस्था में भारत ‘विश्वमित्र’ के रूप में आगे बढ़ रहा है.

‘वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन’ के 10वें संस्करण के उद्घाटन के मौके पर मोदी ने कहा कि सभी प्रमुख रेटिंग एजेंसियों की राय है कि भारत अगले कुछ साल में दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा. इस सम्मेलन में दुनिया की शीर्ष कंपनियों के प्रमुख और मुख्य कार्यपालक अधिकारी और कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी भाग ले रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”दुनिया भारत को स्थिरता के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखती है. भारत एक ऐसा मित्र है, जिसपर भरोसा किया जा सकता है, एक ऐसा साझेदार है, जो जन-केंद्रित विकास में विश्वास करता है और एक ऐसी आवाज है, जो वैश्विक भलाई में विश्वास करता है और वह ‘ग्लोबल साउथ’ की भी एक आवाज है.” उन्होंने कहा, ”दुनिया आज भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में वृद्धि का एक इंजन, समाधान खोजने के लिए एक प्रौद्योगिकी केंद्र और प्रतिभाशाली युवाओं के ‘पावरहाउस’ के रूप में देखती है.”

उन्होंने कहा कि भारत के 1.4 अरब लोगों की प्राथमिकताएं और आकांक्षाएं, मानव केंद्रित विकास पर उनकी आस्था, समावेशिता और समानता के लिए हमारी प्रतिबद्धता, विश्व समृद्धि और विश्व विकास का एक प्रमुख आधार है. उन्होंने कहा, ”भारत की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं. भारत की प्राथमिकताएं टिकाऊ उद्योग, बुनियादी ढांचा और विनिर्माण, नए युग के कौशल, भविष्य की प्रौद्योगिकी, एआई और नवाचार, हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और इसका पूरा पारिस्थितिकी तंत्र है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आज मौजूद वैश्विक स्थिति में भारत की अर्थव्यवस्था में इतनी मजबूती और गति है तो इसके पीछे बड़ा कारण पिछले दशक में संरचनात्मक सुधारों पर हमारा ध्यान केंद्रित करना है. मोदी ने भारत-यूएई संबंधों को नयी ऊंचाई पर ले जाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को श्रेय दिया. उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में शिखर सम्मेलन में भाग लिया.

उन्होंने कहा कि जी20 की अध्यक्षता के दौरान भी भारत ने वैश्विक भविष्य के लिए एक रूपरेखा प्रदान की और वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन का यह संस्करण उस दृष्टि को आगे ले जा रहा है. मोदी ने कहा कि भारत आई2यू2 समूह (भारत, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका) और अन्य बहुपक्षीय संगठनों के साथ अपनी साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बैंकों में पूंजी डालकर और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से भारत की बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाया है और 40,000 से अधिक अनुपालन समाप्त किए हैं.

उन्होंने कहा, ”हमने तीन मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि भारत को वैश्विक कारोबार के लिए अधिक आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके. इनमें से एक एफटीए यूएई के साथ है. हमने कई क्षेत्रों को स्वचालित मार्गों के माध्यम से एफडीआई के लिए खोला है. आज भारत बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश कर रहा है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि 10 वर्षों में भारत का पूंजीगत व्यय पांच गुना बढ़ गया है और देश हरित ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तीन गुना बढ़ी है औऱ सौर ऊर्जा क्षमता में 20 गुना वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा, ”10 साल में सस्ते फोन और डेटा ने डिजिटल समावेश की एक नई क्रांति ला दी है. हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर का विस्तार और 5जी का विस्तार आम भारतीय के जीवन को बदल रहा है. हम दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र हैं.” मोदी ने कहा कि भारत में हो रहे बदलाव नागरिकों के जीवन में सुगमता ला रहे हैं और उन्हें सशक्त बना रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 13 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं और महिला कार्यबल की भागीदारी के साथ लोगों की औसत आय बढ़ी है, जो भारत के भविष्य के लिए बहुत अच्छा संकेत है.” उन्होंने कहा कि सरकार लॉजिस्टिक्स और परिवहन में सुगमता के लिए काम कर रही है. इसी का नतीजा है कि पिछले 10 वर्षों में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 149, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना और मेट्रो ट्रेन नेटवर्क तीन गुना हो गया है.

उन्होंने कहा, ”यह हमारे लिए खुशी की बात है कि मेरे भाई महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं. मुख्य अतिथि के तौर पर उनका उपस्थित होना भारत और यूएई के दिनों-दिन मजबूत होते आत्मीय संबंधों का प्रतीक है. कुछ देर पहले हमने उनके विचार सुने. भारत को लेकर उनका विश्वास, उनका सहयोग, बहुत ही गर्मजोशी से भरा हुआ है.” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया कई तरह की अनिश्चितताओं से घिरी हुई है, तब भारत दुनिया में विश्वास की एक ‘नयी किरण’ बनकर उभरा है.

उन्होंने कहा, ”तेजी से बदलती विश्व व्यवस्था में भारत ‘विश्व मित्र’ के रूप में आगे बढ़ रहा है. भारत ने दुनिया को उम्मीद दी है कि हम साझा लक्ष्य तय कर सकते हैं और उन्हें हासिल कर सकते हैं.” उन्होंने कहा कि 10 साल पहले भारत दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था, जबकि आज हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया की हर प्रमुख रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि भारत अगले कुछ वर्षों में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो जाएगा.

उन्होंने कहा, ”आज तेजी से बदलते हुए ‘वर्ल्ड ऑर्डर’ (विश्व व्यवस्था) में भारत ‘विश्वमित्र’ की भूमिका में आगे बढ़ रहा है. आज भारत ने विश्व को ये भरोसा दिया है कि हम साझा लक्ष्य तय कर सकते हैं, अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं.” उन्होंने कहा कि विश्व कल्याण के लिए भारत की प्रतिबद्धता, निष्ठा, प्रयास और परिश्रम आज की दुनिया को ज्यादा सुरक्षित और समृद्ध बना रहा है.

भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने वैश्विक नेताओं और दुनियाभर के निवेशकों को बताया कि अब भारत अगले 25 वर्षों के लक्ष्य पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा, ”जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, तब तक हमने भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य रखा है. इसलिए ये 25 साल भारत के लिए अमृतकाल हैं.”

 

 

 

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