
कोलकाता: देश के तीन राज्यों असम, केरल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सबकी नजरें पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु पर टिकी हैं, जहां अलग-अलग चरणों में वोट डाले जाएंगे। सभी राजनीतिक दल और गठबंधन अपनी जीत पक्की करने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं। नेता अलग-अलग मुद्दों के जरिए जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल के दमदम में आयोजित एक चुनावी रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनता से बड़ा आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी विधायक या पार्टी सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि घुसपैठ मुक्त बंगाल बनाने के लिए मतदान करना चाहिए।
अमित शाह ने रैली में कहा कि वोट का उद्देश्य राज्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना होना चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे फैसले लें जिससे बंगाल में अवैध घुसपैठ पर रोक लग सके। राहुल गांधी का नाम लेते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल में अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य में जनता का समर्थन पूरी तरह भाजपा के पक्ष में है।
बंगाल की पहचान से नहीं होगा खिलवाड़- योगी आदित्यनाथ
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा के प्रचार अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जोरासांको विधानसभा क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया और पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया। सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोलकाता के मेयर के बयान सामने आ रहे हैं, जिसमें उर्दू के इस्तेमाल की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल की पहचान के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। बंगाल की पहचान काबा से नहीं, बल्कि मां कालीबाड़ी से जुड़ी रही है। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर भी सवाल उठाए। योगी ने कहा कि बंगाल में अव्यवस्था का माहौल वैसा ही है जैसा 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में था।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि अब वहां शांति और विकास का माहौल है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में हर जगह उत्सव का माहौल है और लोग ‘राम राज्य’ के नए दौर में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में एक ही आवाज है, गाय की हत्या नहीं होने दी जाएगी और समाज को बांटने की कोशिशों को रोका जाएगा।
तमिलनाडु में टीवीके के खिलाफ शिकायत
तमिलनाडु में चुनावी आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। एक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक दल टीवीके द्वारा मतदान से पहले लागू 48 घंटे की ‘साइलेंस पीरियड’ का उल्लंघन करने की तैयारी की जा रही है। शिकायतकर्ताओं एल. देवसगायम और पी. अडिकेसवन ने तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस संबंध में औपचारिक शिकायत सौंपी है। इसमें दावा किया गया है कि 22 अप्रैल को बड़े स्तर पर एक ऑनलाइन राजनीतिक अभियान चलाने की योजना बनाई गई है, जो चुनावी नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह गतिविधि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 128 का उल्लंघन हो सकती है, जिसके तहत तीन महीने तक की सजा का प्रावधान है। शिकायतकर्ताओं ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए संबंधित ऑनलाइन सामग्री को हटाने, अभियान को रोकने और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की अपील की है।



