
दुबई: ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमले किए। हमले से युद्ध समाप्त कराने के लिए अमेरिका और ईरान को पाकिस्तान में वार्ता के लिए एक साथ लाने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न हुई है। ईरानी मीडिया ने कहा कि इन हमलों को ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अंजाम दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाएगा। युद्धविराम बुधवार को समाप्त होने वाला था।
ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगा। इन हमलों ने जलडमरूमध्य में परिवहन के लिए खतरों को और उजागर कर दिया है, जिसके रास्ते युद्ध से पहले दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस गुजरती थी। इसका मतलब है कि भले ही युद्धविराम काफी हद तक कायम रहे और ईरान तथा अमेरिका बड़े हमले दोबारा शुरू न करें फिर भी यह युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बनाए रखेगा।
ईरान ने ट्रंप द्वारा किए गए युद्धविराम विस्तार को लेकर कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन एक ईरानी राजनयिक ने कहा कि जब तक नाकेबंदी नहीं हटाई जाती, तब तक बातचीत दोबारा शुरू नहीं होगी। ब्रिटेन की सेना के ‘यूनाइटेड ंिकगडम मैरीटाइम ट्रेड आॅपरेशंस सेंटर’ (यूकेएमटीओ) के अनुसार ईरान ने बुधवार सुबह जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की, और थोड़ी ही देर बाद एक दूसरे जहाज पर भी हमला किया।
ईरानी सरकारी टेलीविज़न के अनुसार ये जहाज अब रिवोल्यूशनरी गार्ड के कब्जे में हैं और उन्हें ईरान ले जाया जा रहा है। इन जहाजों की पहचान ‘एमएससी फ्रांन्सेस्का’ और ‘एपामिनोड्स’ के रूप में की गई है। जहाजों के मालिकों से इस मामले पर टिप्पणी के लिए फिलहाल संपर्क नहीं हो सका।
इन घटनाओं को ईरान के नेतृत्व द्वारा एक बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो अमेरिकी वार्ताकारों के साथ अब और कड़े शर्तों पर सौदा करने की कोशिश कर रहा है।
अर्द्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ‘नूर न्यूज’, ‘फार्स’ और ‘मेहर’ के अनुसार रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ‘यूफोरिया’ नामक तीसरे जहाज पर भी हमला किया। खबरों में कहा गया कि यह जहाज ईरान के तट के पास है, हालांकि इस बारे में ज्यादा विवरण नहीं दिया गया। यूकेएमटीओ ने कहा कि रिवोल्यूशनरी गार्ड गनबोट ने गोलीबारी करने से पहले जहाज को कोई संकेत नहीं दिया था।
हालांकि, ईरान के ‘नूर न्यूज’ ने बताया कि गार्ड ने जहाज पर तभी गोलीबारी की जब उसने ”ईरानी सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया।” अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हवाई हमलों के साथ शुरू हुए युद्ध के बाद से पश्चिम एशिया में जहाजों पर 30 से अधिक हमले हो चुके हैं।
लेबनान में, सरकारी ‘नेशनल न्यूज एजेंसी’ की खबर के अनुसार जब्बूर गांव पर इजराइली ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। इजराइली सेना ने इलाके को निशाना बनाकर कोई भी हमला करने से इनकार किया है। शुक्रवार को लेबनान में 10 दिन का संघर्ष-विराम लागू हो गया, लेकिन इसके बावजूद इजराइल ने कई हमले किए और मंगलवार को हिज्बुल्ला ने भी अपने पहले हमले का दावा किया।
अधिकारियों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 3,375 लोग मारे गए हैं। लेबनान में 2,290 से अधिक लोग मारे गए हैं, इजराइल में 23 लोगों की मौत हुई है और खाड़ी के अरब देशों में 12 से अधिक लोग मारे गए हैं। लेबनान में 15 इजराइली सैनिक और पूरे क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।



