वैश्विक अनिश्चितता के बीच बेहतर स्थिति में है भारत: सीईए नागेश्वरन

Author: navabharat digital
UPDATED: Wed, 18 Jun 2025 03:42 PM
वैश्विक अनिश्चितता के बीच बेहतर स्थिति में है भारत: सीईए नागेश्वरन
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तिरुवनंतपुरम: मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत बेहतर स्थिति में बना हुआ है। उन्होंने मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश के स्थिर आर्थिक प्रदर्शन की ओर इशारा करते हुए यह बात कही।

सीईए ने ‘पीटीआई -भाषा’ के साथ बातचीत में कहा कि कहा कि 2022 से संघर्ष एवं व्यवधान वैश्विक परिदृश्य का हिस्सा रहे हैं लेकिन वे अब अधिक अप्रत्याशित हो गए हैं। इससे समग्र परिवेश चाहे राजनीतिक, आर्थिक या सुरक्षा से संबंधित हो दुनियाभर में वृद्धि के लिए कहीं अधिक चुनौतियां पेश कर रहे हैं।

नागेश्वरन ने पश्चिम एशिया में यूक्रेन-रूस, भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्षों और शुल्क युद्ध के कारण बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे किए गए सवाल पर कहा कि आप कह सकते हैं कि सकारात्मक संभावनाओं पर कहीं न कहीं ये स्थितियां हावी हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भारत की समस्या नहीं है, यह कई देशों को प्रभावित कर रहा है। सीईए ने कहा, ‘‘ कुछ हद तक यह कहा जा सकता है कि आज वैश्विक परिवेश चाहे वह राजनीतिक हो, आर्थिक हो या सुरक्षा से संबंधित हो, वृद्धि के लिए काफी जटिल और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है… न केवल भारत के लिए बल्कि कई देशों के लिए, लगभग पूरी विश्व अर्थव्यवस्था के लिए…।’’ नागेश्वरन ने कहा कि लेकिन उनका मानना है कि इन परिस्थितियों में भी भारत वास्तव में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है।

सीईए ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भारत की 6.5 प्रतिशत की मौजूदा वृद्धि दर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि 2008 के वित्तीय संकट के बाद से वैश्विक माहौल कितना कठिन हो गया है, इसे देखते हुए इस दर को बनाए रखना कोई मामूली बात नहीं है।

सरकार वृद्धि दर को सात प्रतिशत और उससे अधिक तक बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रखे हुए है। नागेश्वरन ने आगाह किया कि विश्व अब उन अनुकूल परिस्थितियों में काम नहीं कर रहा है, जिसमें पहले करता था।
सीईए ने कहा कि सरकार तेजी से वृद्धि करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, लेकिन आज की दुनिया में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर कसे बनाए रखना भी एक बड़ी उपलब्धि है।

नागेश्वरन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ जारी तनाव में भारत की रणनीतिक बढ़त और उसके सतत आर्थिक सुधार एक स्थिर एवं सुरक्षित निवेश गंतव्य के रूप में देश की छवि को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत ने न केवल पाकिस्तान के साथ हालिया गतिरोध में स्पष्ट प्रभुत्व दर्शाया है, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर परिपक्वता एवं भरोसा भी दिखाया है। उसने भारत की एक विश्वसनीय एवं मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में छवि बनाने में योगदान दिया है।

नागेश्वरन ने कहा कि एक विश्वसनीय निवेश गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति इस तथ्य से और मजबूत हो जाती है कि देश कोविड-19 वैश्विक महामारी के झटके से वृद्धि दर, रोजगार सृजन एवं राजकोषीय प्रबंधन के मामले में कई अन्य देशों की तुलना में कहीं बेहतर तरीके से उबरा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान के साथ संघर्ष में भारत की बेहतर रणनीतिक स्थिति रक्षा संबंधी औद्योगिक वृद्धि को प्रभावित कर रही है, खासकर ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत….उन्होंने कहा कि स्वदेशी उपकरणों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और मनोबल बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि इस सफलता ने आत्मनिर्भरता की भावना को अधिक बल मिला है। सीईए ने कहा कि आज के बदलते भू-राजनीतिक माहौल में भारत अविश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भर नहीं रह सकता।
नागेश्वरन ने कहा कि देश को रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादन करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में भारत के रक्षा क्षेत्र ने मजबूत प्रगति की है तथा निर्यात में भी लगातार वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह एक सतत प्रक्रिया है। हम इस दौड़ में कहीं नहीं थे लेकिन अब एक प्रमुख वैश्विक रक्षा निर्यातक बन गए हैं। यह प्रगति और मजबूत ही होगी। यह कोई नई बात नहीं है…जैसा कि मैंने पहले भी कहा है ये बदलाव पिछले 10 वर्ष में आए हैं।’’

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