भारत, कतर के बीच 2026 की तीसरी तिमाही तक व्यापार समझौता होने की उम्मीद

दोहा. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत और कतर जल्द ही एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत की रूपरेखा को अंतिम रूप देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच यह समझौता अगले साल के मध्य या तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कतर के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री शेख फैसल बिन थानी बिन फैसल अल थानी के साथ विचार-विमर्श किया. गोयल दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ”मुझे लगता है कि अगले साल के मध्य या तीसरी तिमाही तक हम एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दे पाएंगे….” मंत्री ने कहा, ”हमने चर्चा की है कि हमें एफटीए वार्ता शीघ्र शुरू करनी चाहिए. हम संदर्भ की शर्तों की रूपरेखा पर चर्चा कर रहे हैं और एक बार जब हम इसे अंतिम रूप दे देंगे, तो हम इसे आगे ब­ढ़ाएंगे, ताकि व्यापार और व्यवसाय 2030 तक मौजूदा 14 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना होकर 30 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाए.” उन्होंने कहा, ”मैं यहां ढेरों अवसर और संभावनाएं देख सकता हूं.” गोयल ने कहा कि कृषि, खाद्य उत्पाद, गैर-पारंपरिक ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत, डेटा सेंटर, पर्यटन, सौंदर्य प्रसाधन, फार्मा और कृत्रिम मेधा में सहयोग ब­ढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं.

कतर के 10 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसमें से 4-5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश पहले ही हो चुका है और 1-1.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश लगभग अंतिम चरणों में है. उन्होंने कहा, ”वे (कतर) भारत में अच्छे प्रवर्तकों और अच्छी परियोजनाओं की तलाश में हैं और मुझे उम्मीद है कि सीआईआई और फिक्की जैसे हमारे संगठन निवेश के बहुत अच्छे अवसर प्रदान करेंगे.” कतर खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) में भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है, जिसका द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 14.15 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक था.

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