भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में भरोसेमंद मेजबान के रूप में उभरेगा: कोयला मंत्री रेड्डी

नयी दिल्ली: कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने अंतर-मंत्रालय कार्यक्रम के हिस्से के रूप में खेल मंत्रालय में सरकार की उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया और विश्वास व्यक्त किया कि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक ‘भरोसेमंद’ मेजबान साबित होगा। रेड्डी ने पिछले दशक की विभिन्न सरकारी पहल के बारे में विस्तार से बात की और बताया कि कैसे उनका भारत के खेल परिदृश्य पर ‘परिवर्तनकारी प्रभाव’ पड़ा है। उन्होंने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘दृष्टिकोण और नेतृत्व का समर्थन’ करने के लिए युवाओं द्वारा राष्ट्र निर्माण में निभाई जा रही ‘सकारात्मक भूमिका’ पर भी प्रकाश डाला।

रेड्डी ने कहा, ‘‘आप सोच रहे होंगे कि कोयला मंत्री खेल मंत्रालय के लिए ब्रींिफग कैसे कर रहे हैं। यह सरकार का दृष्टिकोण है कि मंत्रालयों को यह पता चले कि अन्य विभागों में क्या हो रहा है।’’ रेड्डी ने खेल मंत्रालय को कवर करने वाले कुछ अपरिचित मीडिया चेहरों को समझाते हुए कहा, ‘‘ये यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि मंत्रालयों में जागरूकता हो।’’

वर्तमान में मनसुख मांडविया खेल एवं युवा मामलों के मंत्री हैं। इसके बाद 65 वर्षीय रेड्डी ने टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स), खेलो इंडिया योजना, अभूतपूर्व राष्ट्रीय खेल संचालन अधिनियम और अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की महत्वाकांक्षी बोली जैसी पहल के प्रभाव को विस्तार से सूचीबद्ध किया। अहमदाबाद को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अधिकार भी मिला है।

रेड्डी ने कहा, ‘‘2015 से 20 अलग-अलग शहरों ने देश में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी की है। पहले ऐसे आयोजन दो या तीन प्रमुख केंद्रों तक ही सीमित थे।’’ तेलंगाना के सिकंदराबाद से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में एक भरोसेमंद मेजबान के रूप में उभरेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी ओलंपिक बोली में भी भारत बोली प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है। हम खेलों को भारत में लाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं और यह भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।’’ इस दौरान उनके साथ संयुक्त सचिव (खेल) आर विनील कृष्णा और संयुक्त सचिव (युवा मामले) नितेश कुमार मिश्रा भी मौजूद थे जो कभी-कभार अपने इनपुट के साथ उनके दावों को पूरक करते थे, विशेषकर राष्ट्रमंडल खेलों पर।

जब यह सवाल किया गया कि क्या 2030 राष्ट्रमंडल खेलों का विस्तार अहमदाबाद से आगे किया जाएगा तो रेड्डी थोड़ा टाल गए और सभी को याद दिलाया कि दिल्ली में 2010 खेलों के दौरान क्या हुआ था जो भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा हुआ था। इस समय कृष्णा ने कहा कि सभी संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button