ब्रिक्स देशों की तुलना में भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर: भाजपा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी-नीत सरकार की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से किये जाने को लेकर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने वाले को संसदीय भाषा में ‘पश्चिमोन्मुख’ व्यक्ति कहा जा सकता है. पार्टी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था ‘ब्रिक्स’ के सदस्य देशों से बेहतर है.

ब्रिक्स के सदस्य देशों में मुख्यतया ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. एक जनवरी 2024 को इस अंतर-सरकारी संगठन में चार नये सदस्य देशों, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात, को शामिल किया गया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद बैजयंत पांडा ने कहा कि कोविड महामारी से कई देश बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, लेकिन भारत ने इस महामारी के बाद अपना वित्तीय घाटा प्रभावी तरीके से कम किया है और आज भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रिक्स के सदस्य देशों से बेहतर है. उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण के वित्त मंत्री के रूप में प्रभावी उपायों के कारण भारत का वित्तीय घाटा घटकर इस साल 4.9 प्रतिशत रह गया है और अगले साल तक इसे 4.5 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है.

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत कांग्रेस के सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी के उस बयान पर पलटवार करते हुए की, जिसमें कांग्रेस सांसद ने मोदी सरकार की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से करते हुए कहा था, ”इनमें (सत्तापक्ष) और अंग्रेजों में कोई फर्क नहीं है, सिर्फ रंग का फर्क है. पहले ये सत्ता में काबिज हुए और फिर सत्ता के रास्ते ये देश के उद्योगों पर अपने लोगों का कब्जा करा रहे हैं.” अपने संबोधन में पांडा ने हालांकि चन्नी का नाम लिये बिना कहा, ”हमने अभी थोड़ी देर पहले विपक्ष के ईस्ट इंडिया कंपनी संबंधी बयान सुने हैं, लेकिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने वाले को हम संसदीय भाषा में ‘पश्चिमोन्मुख’ व्यक्ति कह सकते हैं.” उन्होंने इस बजट को बहुत व्यापक करार देते हुए कहा कि इसका दायरा बहुत ही बड़ा है. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के तौर पर सीतारमण के कार्यकाल में भारत सबसे तेज से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है और इसकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञ कर रहे हैं.

इस बीच विपक्ष की ओर से टोकाटोकी हुई और इन आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया बताया गया. इस पर पांडा ने कहा कि इन आंकड़ों को ‘मैनिपुलेटेड’ कहने वाले संगठन वे हैं, जिनके शीर्ष पद पर बैठे लोग विपक्ष का घोषणा-पत्र बनाने वालों में शामिल होते हैं.
इस बजट में घोषित ‘पूर्वोदय मिशन योजना’ की चर्चा करते हुए पांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार कहा है कि पहले से वंचित राज्यों को जब तक विकास की मुख्यधारा में शामिल नहीं किया जाता तब तक भारत विकसित नहीं बनेगा और पूर्वोदय योजना में पश्चिम बंगाल सहित कई राज्य शामिल हैं.

चर्चा में भाग लेते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुनील तटकरे ने कहा कि विपक्ष को संविधान पर बात करने का कोई हक नहीं है, क्योंकि उसकी सरकारों ने कई राज्यों में बेवजह राष्ट्रपति शासन लगाये थे. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारतीय किसानों के लिए जितना किया है वह बहुत ही सराहनीय है. जनता दल यूनाइटेड के आलोक कुमार सुमन ने बजट में बिहार के लिए की गयी घोषणाओं की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार देश के अन्य राज्यों की तुलना में प्रगति में पीछे है तथा उसे और अधिक सहायता मिलनी चाहिए.

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