
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि जो पार्टियां लोकतांत्रिक मूल्यों को नहीं जीती हैं, उनमें आंतरिक लोकतंत्र नहीं पनपता है और उनकी क्या स्थिति होती है, यह देश के कई दलों में देखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ही एकमात्र दल है जो अपनी पार्टी के संविधान के अनुसार अक्षरश: लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपने कार्य का विस्तार कर रहा है.
भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, ”यह सदस्यता अभियान सिर्फ एक अनुष्ठान नहीं है. यह हमारे परिवार का विस्तार है … यह संख्या का खेल नहीं है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कितनी संख्या हासिल करते हैं. यह सदस्यता अभियान एक वैचारिक और भावनात्मक आंदोलन है.” प्रधानमंत्री ने भारतीय जनसंघ के जमाने से भाजपा की यात्रा को याद करते हुए कहा कि इस राजनीतिक दल ने देश में एक नई राजनीतिक संस्कृति लाने का भरसक प्रयास किया है.
उन्होंने कहा, ”जिस राजनीतिक दल को देश की जनता सत्ता सुपुर्द करती है, वह अगर लोकतांत्रिक मूल्यों को नहीं जीता है तो उसमें आंतरिक लोकतंत्र निरंतर नहीं पनपता है. तो वैसी स्थिति बनती है जो आज हम देश के कई दलों में देख रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”भाजपा एकमात्र दल है जो अपनी पार्टी के संविधान के अनुसार अक्षरश: लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपने कार्य का विस्तार कर रहा है और जन-सामान्य की आशा, आकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिए अपने आप को निरंतर योग्य बनाते रहता है.”
मोदी ने कहा कि जनसंघ के जमाने में बड़े उत्साह के साथ कार्यकर्ता दीवारों पर दीपक (भारतीय जनसंघ का चुनाव चिह्न) पेंट करते थे तो कई राजनीतिक दल के नेता यह कहकर उनका मजाक उड़ाते थे कि दीवारों पर दीपक पेंट करने से सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंचा जा सकता है! उन्होंने कहा, ”हम वो लोग हैं, जिन्होंने श्रद्धा से दीवारों पर कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) पेंट किया, क्योंकि विश्वास था कि दीवारों पर पेंट किया कमल कभी न कभी तो दिलों पर भी पेंट हो जाएगा.” उन्होंने कहा कि आज भी कुछ राज्यों में भाजपा के कार्यकर्ता इसी जीवन को जीते हैं और अपने आदर्शों के लिए जूझते हैं.
उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को पार्टी से जोड़ने और सीमांत गांवों में सदस्यता अभियान चलाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, ”आज देश के गरीब का सबसे अधिक विश्वास हमारी नीतियों, निर्णयों और हमारे अपनाए हुए रास्तों के परिणामों में है. इसलिए हमें उस सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ना है. मुझे पूरा विश्वास है कि ये सदस्यता अभियान पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा.”



