इसरो और श्री चित्रा तिरुनाल संस्थान ने अंतरिक्ष चिकित्सा संबंधी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्री चित्रा तिरुनाल आयुर्विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीटीआईएमएसटी) के साथ ‘अंतरिक्ष चिकित्सा में सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन रूपरेखा’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसरो ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इसरो ने एक बयान में कहा कि यह साझेदारी देश में अंतरिक्ष चिकित्सा और उसका इस्तेमाल करने की दिशा में एक मील का पत्थर है। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, भारतीय मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम गगनयान इसरो का एक राष्ट्रीय प्रयास है जो मानव स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुसंधान, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के क्षेत्र में अनुसंधान, अंतरिक्ष चिकित्सा एवं अंतरिक्ष जीव विज्ञान के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय एजेंसी, शिक्षाविदों और उद्योग को एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

इसरो ने कहा, ‘‘इसरो और एससीटीआईएमएसटी के बीच इस रूपरेखा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से अंतरिक्ष चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे राष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम को लाभ होगा तथा साथ ही मानव शारीरिक अध्ययन, व्यावहारिक स्वास्थ्य अध्ययन, जैव चिकित्सा सहायता प्रणाली, विकिरण जीवविज्ञान एवं चिकित्सा, अंतरिक्ष वातावरण में मानव स्वास्थ्य और प्रदर्शन में सुधार के लिए उपाय, टेलीमेडिसिन एवं संचार प्रोटोकॉल और अंतरिक्ष मिशनों के लिए चालक दल की चिकित्सा किट के क्षेत्र में नवोन्मेष और विकास को बढ़ावा मिलेगा।’’

इस कार्यक्रम से खासकर अंतरिक्ष चिकित्सा के क्षेत्र में अध्ययन और प्रयोगों के अवसर पैदा होंगे। इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान प्रयास गगनयान का उद्देश्य अंतरिक्ष पर्यावरण में मानव अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्र की क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बा‘ अंतरिक्ष के प्रतिकूल वातावरण में मानव स्वास्थ्य और कार्य क्षमता को बनाए रखना दीर्घकालिक मानव अंतरिक्ष मिशन की सफलता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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