JDU-भाजपा गठबंधन अवसरवादी है, नीतीश महज कुर्सी के लिए बदलते हैं पाला : खरगे

बक्सर. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्तारूढ़ गठबंधन को रविवार को ‘अवसरवादी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केवल ‘कुर्सी’ के लिए पाला बदलते हैं.
खरगे ने यहां डलसागर स्टेडियम में पार्टी की ‘जय बापू, जय भीम और जय संविधान’ रैली को संबोधित करते हुए बिहार के लोगों से इस साल के उत्तरार्द्ध में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को सत्ता से बाहर करने की अपील की.

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ”नीतीश कुमार और भाजपा के बीच गठबंधन अवसरवादी है. यह राज्य के लोगों के लिए अच्छा नहीं है. नीतीश कुमार सिर्फ ‘कुर्सी’ (मुख्यमंत्री पद) के लिए पाला बदलते हैं. जद(यू) प्रमुख ने महात्मा गांधी की हत्या करने वाली विचारधारा से हाथ मिला लिया है.” उन्होंने सवाल किया कि बिहार के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के प्रधानमंत्री मोदी के वादे का क्या हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ”झूठ की फैक्टरी” चला रहे हैं.

खरगे ने दावा किया, ”बिहार के लोगों को नीतीश कुमार से पूछना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 अगस्त 2015 को बिहार के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का जो वादा किया था, उसका क्या हुआ? मोदी जी झूठ की फैक्टरी चला रहे हैं.” उन्होंने लोगों से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में राजग सरकार को सत्ता से बाहर करने तथा ‘महागठबंधन’ के दलों को वोट देने का आ”ान किया.

नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हाल में दाखिल किये गये आरोपपत्र पर खरगे ने कहा,”यह कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए किया गया है. हमारे नेताओं को डराया नहीं जा सकता है. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी.” कांग्रेस अध्यक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा समाज के ‘कमजोर वर्गों के कल्याण के पक्ष में नहीं है.

उन्होंने दावा किया, ”वे गरीबों, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ हैं…वे (आरएसएस-भाजपा) समाज की बेहतरी के बारे में नहीं सोच सकते. वे जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने में विश्वास करते हैं.” उन्होंने कहा कि संसद से पारित किया गया वक्फ (संशोधन) अधिनियम भाजपा, आरएसएस की समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की साजिश है.

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