झारखंड ने मोदी-शाह के ‘षड्यंत्रकारी मंसूबों’ को झटका दिया, सच्चाई की जीत हुई : कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद सोमवार को कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘ऑपरेशन लोटस’ विफल हो गया और इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह के ‘षड्यंत्रकारी मंसूबों’ को तगड़ा झटका लगा है.

राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत गठबंधन सरकार ने सोमवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया. प्रदेश की 81 सदस्यीय विधानसभा में 47 विधायकों ने (विश्वास मत) प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि 29 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया. निर्दलीय विधायक सरयू राय ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया.

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”झारखंड ने मोदी-शाह के षड्यंत्रकारी मंसूबों को तगड़ा झटका दिया है. कांग्रेस-झामुमो और सहयोगी दलों की सरकार सुरक्षित है. भाजपा की तमाम साज.शिों को मात देकर, सच्चाई की जीत हुई है.” उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन सहित सभी विधायकों को बधाई. भगवान बिरसा मुंडा ने हमें सत्ता के अहंकार के खिलाफ संघर्ष करना सिखाया है. सत्ता का लालच करने वालों से हम झारखंड का जल-जंगल-जमीन सुरक्षित रखेंगे.”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”झारखंड में विपक्षी एकता तोड़ने के सारे षड्यंत्र विफल हुए. गठबंधन की एकजुटता ने सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग, धनबल और (विधायकों की) खरीद-फरोख्त की राजनीति को परास्त किया.” उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र में जनता मालिक है. कहां किसकी सरकार बनेगी, यह षड्यंत्रों से नहीं, जनादेश से तय होगा. मुख्यमंत्री चंपई सोरेन जी और सभी माननीय सदस्यों को बधाई. जय जोहार! जय झारखंड!”

कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”झारखंड विधानसभा में ‘इंडिया’ गठबंधन का विश्वास मत हासिल करना लोगों की शक्ति को साबित करता है. हम लोकतांत्रिक रूप से एक चुनी हुई सरकार हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लोगों की आवाज को खत्म नहीं कर सकता. ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके लोकतंत्र को नष्ट करने के केंद्र के फासीवादी प्रयासों का पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा.” उन्होंने कहा, ”उन्होंने (भाजपा ने) झारखंड के आदिवासियों, पिछड़ों और गरीबों की सरकार पर हमला किया और आगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें उनके गुस्से का सामना करना पड़ेगा!”

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ”हमने आसानी से विश्वास मत हासिल किया है. भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ असफल हो गया है. पहले उन्होंने (पूर्व मुख्यमंत्री) हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया, उनसे इस्तीफा दिलवाया. फिर उन्होंने चंपई सोरेन के शपथ ग्रहण में देरी की.” उन्होंने कहा, ”यह सरकार एक वर्ष के अपने शेष कार्यकाल तक बनी रहेगी और हमने जो काम किया है उसके आधार पर हम झारखंड के लोगों के पास नए जनादेश के लिए जाएंगे.”

धनशोधन के आरोप को लेकर ईडी ने पेटीएम के खिलाफ क्या कार्रवाई की: कांग्रेस

कांग्रेस ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पेटीएम के खिलाफ कार्रवाई के बाद सोमवार को कहा कि इस कंपनी के खिलाफ धनशोधन के गंभीर आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशाल (ईडी) ने क्या कदम उठाए हैं. पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ”तमाम अनियमितताओं के चलते सरकार के चहेते उद्योगपति की कंपनी को रिजर्व बैंक ने प्रतिबंधित किया लेकिन इसके पहले वो लगातार कानून का उल्लंघन करती रही और बार-बार बचती रही.” उन्होंने दावा किया कि इसके पहले पेटीएम पर अपने उपभोक्ताओं का आंकड़ा भाजपा के साथ साझा करने जैसे आरोप भी लग चुके हैं.

सुप्रिया ने कहा, ”31 जनवरी को रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 29 फरवरी के बाद कोई भी बैंकिंग गतिविधि करने से रोक दिया है. इसका मतलब यह है कि कोई राशि जमा नहीं होगी, कोई क्रेडिट लेनदेन नहीं, कोई वॉलेट टॉप अप नहीं, कोई बिल भुगतान नहीं होगा.” उन्होंन कहा कि रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत की है.

सुप्रिया ने सवाल किया, ”इतने सारे उल्लंघनों के बाद भी पेटीएम पेमेंट्स बैंक को इतनी लंबी ढील क्यों दी गई? धनशोधन जैसे गंभीर आरोप को लेकर ईडी ने अब तक क्या कार्यवाही की? क्या ईडी 95 प्रतिशत मामलों में राजनीतिक लोगों के खिलाफ़ षड्यंत्र रच कर संतुष्ट है?”

प्रधानमंत्री ने मणिपुर के लोगों को उनके हाल पर छोड़ा : खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर की स्थिति को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर के इस राज्य के लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है. उन्होंने यह दावा भी किया कि पिछले साल संसद से प्रधानमंत्री ने मणिपुर के लोगों को जो आश्वासन दिया था, वह भी खोखला लगता है.

खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मणिपुर में लगातार जारी हिंसा के कारण अनगिनत जिंदगियों को तबाह हुए नौ महीने हो गए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के पास राज्य का दौरा करने के लिए एक घंटा भी नहीं है. क्यों? उन्होंने आखिरी बार चुनाव प्रचार के लिए फरवरी, 2022 में मणिपुर का दौरा किया था और अब उन्होंने मणिपुर के लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है.” उनके मुताबिक, राज्य में 4 मई, 2023 से अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 60,000 लोग विस्थापित हुए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”लगभग 50,000 लोग पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं और भोजन के बिना घृणित परिस्थितियों में राहत शिविरों में रह रहे हैं. लोग पहले ही सब कुछ खो चुके हैं – अपना घर, अपनी आजीविका और अपना सामान. वे कहीं नहीं जा सकते. उनका भविष्य अंधकारमय है.” खरगे ने कहा, ”कुछ खबरों के अनुसार, अकेले चुराचांदपुर के शिविरों में कुपोषण और बीमारी के कारण 80 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. इम्फाल के शिविर भी बेहतर नहीं हैं. शिविरों में जो भी सहायता प्रदान की जा रही है वह अच्छे लोगों, गैर सरकारी संगठनों के सामूहिक प्रयासों से आई है, न कि राज्य सरकार द्वारा.” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा दिखाई गई पूर्ण उदासीनता और उपेक्षा के कारण महिलाएं और बच्चे पीड़ित हैं.

खरगे ने कहा, ”एक जनवरी से ही दोबारा हुई हिंसा में 10 लोगों की मौत हो चुकी है. दो समुदायों के प्रशिक्षु पुलिसर्किमयों ने एक दूसरे पर गोली चलाई, 7 लोग घायल हो गए. 24 जनवरी को हमने देखा कि कैसे एक सशस्त्र समूह ने भारी सुरक्षा वाले कांगला किले में एक बैठक में भाग लेने के लिए सांसदों/विधायकों को मजबूर किया. उस बैठक के दौरान कांग्रेस की मणिपुर की इकाई के अध्यक्ष पर बेरहमी से हमला किया गया और उन्हें प्रताड़ित किया गया.” उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त, 2023 में संसद में मणिपुर के लोगों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया आश्वासन खोखला लगता है! कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”कोई सामान्य स्थिति और शांति नजर नहीं आ रही है. भाजपा की ”डबल इंजन” सरकार ने मणिपुर के लोगों पर कई प्रहार किए हैं!”

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