श्रीनगर.राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने 2017 में जामिया मस्जिद के बाहर एक पुलिस अधिकारी की पीट-पीटकर हत्या करने के 17 आरोपियों को जमानत दे दी है. न्यायाधीश एम एस मन्हास ने बुधवार को जमानत अर्जी मंजूर करते हुए कहा कि यह मानने का कोई उचित आधार नहीं है कि ये आरोपी पुलिस उपाधीक्षक मोहम्मद अयूब पंडित की पीट-पीटकर हत्या करने के दोषी थे.
पंडित को 22 जून, 2017 को शहर के नौहट्टा इलाके में जामिया मस्जिद के बाहर भीड़ द्वारा उस वक्त पीट-पीटकर मार डाला गया था, जब वह उस वर्ष शब-ए-कद्र के दौरान अपनी ड्यूटी निभा रहे थे. न्यायाधीश ने अपने 81 पृष्ठ के आदेश में कहा, ‘‘… वर्तमान मामले में सुनवाई के दौरान दर्ज गवाहों के बयान सहित रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों का अध्ययन करने के बाद, यह मानने का कोई उचित आधार नहीं है कि आरोपी या याचिकाकर्ता कथित अपराध के दोषी हैं.’’ अदालत ने कहा कि आरोपियों को अपराध से जोड़ने के लिए रिकॉर्ड पर न तो कोई प्रत्यक्ष और न ही परोक्ष सबूत है.
आदेश में कहा गया है, ‘‘रिकॉर्ड पर न तो कोई प्रत्यक्ष और न ही कोई ठोस सबूत है, जो आरोपियों या आवेदकों को कथित अपराध से जोड़ता हो. इसलिए, रिकॉर्ड पर दृष्टिगत और पर्याप्त सबूतों के अभाव में (याचिकाकर्ताओं के) वकील की दी गयी दलीलों में दम नजर आता है.’’